प्रयागराज. उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण की वोटिंग के बीच रविवार को प्रयागराज जिले में एक बड़ी खबर सामने आई. यहां के कोरांव विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में पम्प कैनाल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का पूर्ण बहिष्कार किया. पांचवें चरण में रविवार को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ था, जो शाम 6 बजे तक चलता रहा. कई बूथों पर प्रकाश की उचित व्यवस्था न होने से परेशानी का आलम रहा. वहीं, इलाके के भोगन गांव में पम्प कैनाल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का पूरी तरह से बहिष्कार किया.वहीं, ग्रामीणों को समझाने- बुझाने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से भी ग्रामीणों की तीखी झड़प हुई. अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. ग्रामीणों का आरोप है कि एक महिला विद्या देवी को जबरन गाड़ी में बैठा कर मतदान कराया गया. मौके पर पहुंचे एसपी यमुना पार सौरभ दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी सीपू गिरी से ग्रामीणों की कई बार तीखी बहस भी हुई. ग्रामीणों ने सड़क के बीच पत्थर रखकर और दोनों तरफ से जाम करके जमकर नारेबाजी की.प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा साथ ही मतदान केंद्र के बाहर ग्रामीणों द्वारा जमकर प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए. मतदान केंद्र पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा. वहीं, घूघा गांव के ग्रामीणों ने भी मतदान का बहिष्कार किया था. लेकिन अधिकारियों के समझाने बुझाने के बाद दोपहर बाद वहां मतदान शुरू हो गया. 3 बजे तक 121 वोटरों ने मतदान किया था. क्षेत्र में बाकी अन्य बूथों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान सम्पन्न हो गया. ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा.समझाने के बाद ग्रामीण मान गए थे
बता दें कि पहले चरण के मतदान के दौरान लंदशहर (Bulandshahr) के डिबाई थाना क्षेत्र के नगला भूड़ गांव में सड़क और पुल न बनने से नाराज ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार (Poll Boycott) कर दिया था. जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया था. हालांकि अफसरों और बीजेपी प्रत्याशी सीपी सिंह के समझाने के बाद ग्रामीण मान गए थे और मतदान शुरू हुआ था.
