
इटावा: युद्धग्रस्त यूक्रेन से निकल कर आज भारत आई यूपी की छात्रा ने वहां के खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल बताया है. रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच आज तड़के फ्लाइट के जरिये उत्तर प्रदेश के इटावा की एमबीबीएस छात्रा तेजस्विता यादव देर शाम शताब्दी एक्सप्रेस से गृहनगर पहुंची. इटावा रेलवे स्टेशन पर मां-पापा को देखते ही वह भावुक हो गई और मां को गले लगाकर रोने लगी. युद्धग्रस्त देश युक्रेन से सुरक्षित वापस लौटी अपनी बेटी को गले लगाकर मां ने भी दुलार किया.
यूक्रेन से वापस लौट कर आई एमबीबीएस छात्रा तेजस्विता ने यूक्रेन में युद्ध के मंजर का आंखों देखा हाल बताया और कहा कि उसके आने के बाद सारी फ्लाइटें बंद कर दी गईं. कीव शहर में सेना लगा दी गई हैं और वहां पर ब्लास्ट हो रहे हैं. लोग भाग रहे हैं और अफरा-तफरी का माहौल है. हर ओर मौत का ही तांडव दिखाई दे रहा है. वहां बहुत ही बुरे हाल में लोग किसी तरह जिंदगी बचाने को संघर्ष कर रहे हैं. कुछ भी समझ मे नहीं आ रहा है कि जो साथी यूक्रेन मे फंसे हुए हैं, वो कैसे वापस आएंगे. यही चिंता बार-बार सता रही है.
तेजस्विता ने आगे कहा कि भारतीय दूतावास के जरिये कोई सही और सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है. अभी भी 15000 के आसपास मेडिकल छात्र फंसे हुए हैं. हमेशा सभी को जूते पहन कर रहना पड़ रहा है. जैसे ही सायरल बजता है, वैसे ही सबको बंकर में जाना होता है. खाने पीने का कोई इंतजाम नहीं है. लोन के जरिये पढ़ने वाले छात्रों की जान मुश्किल मे फंसी हुई है. जंग के मौहाल मे वापस आने पर मैं खुद को लकी और सेफ मानती हूं, क्योंकि वहां कब मिसाइल गिर जाए, कोई नहीं जानता.
रेलवे स्टेशन पर एमबीबीएस छात्रा तेजस्विता की मां अनीता ने शुक्रवार की शाम को बताया कि अपनी बेटी की वापसी पर वह बहुत खुश हैं लेकिन वह चाहती हैं कि यूक्रेन में फंसे हुए अन्य छात्रों को वापस लाने के लिए मोदी सरकार जल्द से जल्द कुछ बेहतर इंतजाम करे. वहीं, पिता सत्येंद्र यादव का कहना है कि जब यूक्रेन के हालात खराब हुए तो बेटी से बात हुई. उसके बाद उसको वापस बुलाने के लिए कोशिश की गई जो आज किसी तरह से कामयाब हुई है.बता दें कि यूक्रेन सरकार ने वहां पढ़ने वाले छात्रों को एक माह का राशन एकत्रित करके बंकरों में जाने का निर्देश दिया है ताकि उनकी जान सुरक्षित रह सके. तेजस्विता बुधवार की शाम को कीव हवाई अड्डे पर पहुंच गई थीं, उसके बाद ही यूक्रेन सरकार ने कर्फ्यू का ऐलान कर दिया था. वहां पर रूस ने हमला कर दिया था. तेजस्विता यादव यूक्रेन में युद्ध शुरू होने से चंद घंटे पहले ही फ्लाइट से उज्बेकिस्तान पहुंच गईं. तेजस्विता यूक्रेन के विन्नित्सिया नेशनल पिरोगोव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा हैं. वह वर्ष 2019 में पढ़ाई के लिए वहां पर गई थीं.
