प्रयागराज। 4 नवंबर को गंगा नदी को ‘राष्ट्रीय नदी’ घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में जिला गंगा समिति, प्रयागराज द्वारा ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में जन जागरूकता कार्यक्रम एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने भारत में गंगा के सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व पर निबंध प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इसके भाषण व क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने ‘गंगा संरक्षण में युवाओं की भूमिका’ एवं ‘मेरी गंगा, मेरी जिम्मेदारी’ विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से रखे। क्विज़ प्रतियोगिता में भी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य बंके बिहारी पांडेय, जिला परियोजना अधिकारी, नमामि गंगे ऐशा सिंह, शिक्षक प्रमोद द्विवेदी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। जिला परियोजना अधिकारी ने छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि 4 नवंबर 2008 को भारत सरकार ने गंगा को ‘राष्ट्रीय नदी’ घोषित किया था। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार था जब किसी नदी को ‘राष्ट्रीय नदी’ का दर्जा दिया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा वर्ष 2017 से प्रतिवर्ष ‘गंगा उत्सव’ का आयोजन किया जाता है, जो गंगा को ‘राष्ट्रीय नदी’ घोषित किए जाने की इसी वर्षगांठ पर मनाया जाता है। उत्सव का मुख्य उद्देश्य गंगा के संरक्षण को बढ़ावा देना, उसके सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करना तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य ने छात्रों के साथ कचरा प्रबंधन पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए, जैसे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कूड़ेदानों में डालना।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। । भाषण प्रतियोगिता में शांभवी तिवारी ने प्रथम, अंजली रायकवाड़ ने द्वितीय तथा कमलेश मौर्य ने तृतीय स्थान हासिल किया। क्विज़ प्रतियोगिता में शिवांग ने प्रथम, अष्टिक पाल ने द्वितीय तथा शिवांग कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का समापन गंगा स्वच्छता शपथ के साथ हुआ

