प्रदीप बच्चन (व्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी)। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और बेमौसम बारिश से बलिया जिले के किसानों की धान की फसल तथा संपत्ति को हुए नुकसान को लेकर भाजपा किसान मोर्चा ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने प्रभावित किसानों को तत्काल राहत, नुकसान का निष्पक्ष आकलन और शासन की घोषणाओं के शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की।
तूफान से बढ़ा किसानों का संकट
तेज हवाओं और लगातार बारिश से खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिर गई है, जिससे फसल के सड़ने और पैदावार प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। कई क्षेत्रों में खेतों में जलजमाव होने से किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है।
जिले में धान की खेती का कुल रकबा 69,284 हेक्टेयर है और अर्नब तूफान से धान की फसल को 16 से 20 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने बीमित किसानों से 72 घंटे के भीतर फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराने को भी कहा है।
ज्ञापन में उठाई गई मांगें
भाजपा किसान मोर्चा ने जिला प्रशासन से निम्न मांगें रखीं:
प्रभावित किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।
फसलों एवं संपत्ति को हुए नुकसान का निष्पक्ष और उचित सर्वेक्षण कराया जाए।
मुख्यमंत्री के किसान हितैषी निर्देशों व घोषणाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए।
नुकसानग्रस्त किसानों को शीघ्र और उचित मुआवजा दिलाया जाए।
किसानों की मेहनत पर पानी फिरा
मोर्चे के उपाध्यक्ष अंकित कुमार सिंह और महामंत्री ठाकुर मंगल सिंह सेंगर ने कहा कि किसानों की मेहनत और पूरे परिवार की उम्मीदें फसल से जुड़ी होती हैं। कटाई के समय आई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
इस अवसर पर मोर्चा पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि संकट की इस घड़ी में किसी भी अन्नदाता किसान को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और किसान हितों के लिए लगातार आवाज उठाई जाएगी।
ज्ञापन सौंपने में शामिल रहे पदाधिकारी
इस अवसर पर जिला महामंत्री ठाकुर मंगल सिंह, जिला उपाध्यक्ष अंकित कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह, प्रशांत राय, पवन, अनिल पांडेय, भुवाल सिंह, मायाशंकर राय, मनमोहन सिंह, संजीव तिवारी, अंकित सिंह, संतोष सिंह व आलोक कुंवर सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला मंत्री यशजीत सिंह, अमित पांडेय, अजीत सिंह, अनूप ओझा, हरि सिंह, सर्वेंद्र सिंह, निखिल प्रताप सिंह, विंध्याचल चौबे और राकेश ठाकुर भी मौजूद रहे।
अन्य फसलों पर भी असर
तूफान के असर से केवल धान ही नहीं, बल्कि चना, मटर, आलू, टमाटर और मिर्च की फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है। किसानों ने नुकसान के सर्वेक्षण और उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की है।

