एसआरएन अस्पताल के उन्नयन एवं मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंडलायुक्त ने की समीक्षा बैठक, समयबद्ध सुधार के निर्देश
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एसआरएन अस्पताल के उन्नयन एवं मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंडलायुक्त ने की समीक्षा बैठक, समयबद्ध सुधार के निर्देश



*चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति तथा मरीजों के मार्गदर्शन पर जोर: शत-प्रतिशत उपस्थिति, रिसेप्शन पर 24×7 वॉलंटियर्स की तैनाती तथा कॉरिडोर में साइनेज लगाने के निर्देश*


*ओपीडी एवं वार्डों की व्यवस्थाओं में सुधार: स्वच्छता, चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता तथा प्रकाश एवं वेंटिलेशन की व्यवस्था बेहतर करने पर जोर*


*अस्पताल के रखरखाव एवं प्रशासनिक कार्यों में तेजी: मेंटेनेंस सेल के गठन, प्रोक्योरमेंट में विशेषज्ञ सहयोग तथा मेडिकल-लीगल रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन के निर्देश*


*मरीजों को बाहर से दवा एवं जांच कराने के लिए भेजने पर नाराजगी: शिकायतों के प्रभावी निस्तारण तथा सभी संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश।*


*प्रयागराज 21 अक्टूबर* 


पूर्व में एसआरएन अस्पताल के इमरजेंसी एवं अन्य वार्डों के निरीक्षण में सामने आई कमियों के दृष्टिगत मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने आज मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, उप प्राचार्य, एडी हेल्थ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस), एसआरएन अस्पताल के सहायक चिकित्सा अधीक्षक (एएमएस) एवं वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अस्पताल के उन्नयन, चिकित्सा सेवाओं में सुधार तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए।


मंडलायुक्त ने चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, पैरामेडिकल एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि ओपीडी एवं वार्डों में निर्धारित ड्यूटी के अनुसार सभी संबंधित कार्मिकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जीपीएस आधारित उपस्थिति के साथ भौतिक रजिस्टर भी अनिवार्य रूप से संधारित किया जाए। सभी चिकित्सक निर्धारित एप्रन में रहें तथा एप्रन सुरक्षित रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था की जाए।


एसआरएन अस्पताल में प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में मरीजों के आने के दृष्टिगत रिसेप्शन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत तीन शिफ्टों में 24×7 दो से तीन वॉलंटियर्स की तैनाती कर मरीजों एवं तीमारदारों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्य के लिए डॉ. जितेंद्र शुक्ला, एएमएस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें एक सप्ताह में रिसेप्शन व्यवस्था सुधारने तथा सभी कॉरिडोर में स्पष्ट एवं रिफ्लेक्टिव हैंगिंग साइनेज लगवाने के निर्देश दिए गए। कॉरिडोर में पर्याप्त प्रकाश, वेंटिलेशन एवं पंखों की व्यवस्था के लिए प्राचार्य को एक माह की समय-सीमा दी गई है। दो कॉरिडोर में एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण कराकर मंडलायुक्त को प्रदर्शन के रूप में दिखाया जाएगा।


ओपीडी एवं वार्डों में पुरानी अथवा जंग लगी एग्जामिनेशन टेबल, खराब वॉशबेसिन एवं अन्य कमियों को दूर कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सुधारात्मक कार्यों की पूर्व एवं पश्चात की तस्वीरें दस दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी। वार्डों में फोर्सेप्स का समुचित स्टेरिलाइजेशन, दवाओं का उचित पृथक्करण, इंजेक्शन एवं चिकित्सा उपकरणों का सुरक्षित रखरखाव तथा बेडशीट, गॉज एवं अन्य सामग्री की स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा गया।


बैठक में इमरजेंसी एवं गायनिक वार्ड सहित कुछ विभागों में ग्लव्स, बेडशीट, मैकिनटॉश एवं अन्य आवश्यक सामग्री की कमी का मुद्दा उठाया गया। मंडलायुक्त ने आवश्यकतानुसार सामग्री उपलब्ध कराने के लिए महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा मेडिकल सप्लाई को पत्र लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं भी इस संबंध में फॉलोअप करने की बात कही। इमरजेंसी एवं गायनिक वार्ड में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए स्टील बेसिन की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।


चिकित्सकों ने प्रोक्योरमेंट, टेंडर एवं तकनीकी दस्तावेज तैयार करने में विशेषज्ञ मानव संसाधन की कमी से होने वाली देरी से अवगत कराया। इस पर मंडलायुक्त ने पीडब्ल्यूडी, मेला प्राधिकरण एवं अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अपनी आवश्यकताओं एवं प्रस्तावित कार्यों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल के आधारभूत ढांचे के नियमित रखरखाव एवं मरम्मत के लिए प्राचार्य को मेंटेनेंस सेल गठित करने तथा आवश्यक इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कार्मिकों की आउटसोर्सिंग से व्यवस्था करने को कहा गया।


अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, विशेषकर मेडिकल-लीगल रिकॉर्ड, का डिजिटाइजेशन शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव एवं आवश्यकता पड़ने पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।


पूर्व निरीक्षण के दौरान मरीजों द्वारा बाहर से दवाएं एवं जांच कराने के लिए भेजे जाने की शिकायतों पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए तथा उपलब्ध संसाधनों एवं निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुरूप आवश्यक दवाएं, जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।


बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने अवगत कराया कि अस्पताल के उन्नयन एवं व्यवस्थाओं में सुधार के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कई विभागाध्यक्ष अनुपस्थित रहे। मंडलायुक्त द्वारा अनुपस्थिति का कारण पूछे जाने पर प्रधानाचार्य कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। 


मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सुधारात्मक कार्यवाही पूर्ण करने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में प्रभावी सुधार सुनिश्चित करते हुए मरीजों को सुगम, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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