प्रयागराज। भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को सुचारू एवं त्रुटिहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रयागराज में तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। सोमवार को शम्भूनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, झलवा में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
226 फील्ड ट्रेनर दो चरणों में होंगे प्रशिक्षित
जनपद में द्वितीय चरण की जनगणना के संपादन के लिए कुल 226 फील्ड ट्रेनरों की नियुक्ति की गई है। इनका प्रशिक्षण दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है:
प्रथम चरण: 05 अक्टूबर से 07 अक्टूबर, 2026 तक (120 फील्ड ट्रेनर)
द्वितीय चरण: 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर, 2026 तक (शेष फील्ड ट्रेनर)
ये प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर आगे चलकर क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को प्रशिक्षित करेंगे।
जनगणना 2027 की प्रमुख समय-सारणीकार्यनिर्धारित अवधिस्व-गणना (Self-Enumeration)
16 नवंबर से 30 नवंबर, 2026
जनसंख्या की गणना (Population Enumeration)
01 दिसंबर, 2026 से 04 जनवरी, 2027
पुनरीक्षण कार्य (Revision Round)
05 जनवरी से 09 जनवरी, 2027
प्रत्येक व्यक्ति से पूछे जाएंगे 40 प्रश्न: जिलाधिकारीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने आंकड़ों की शुद्धता और पूर्णता पर विशेष जोर दिया।
"जनगणना की सफलता पूरी तरह प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से निर्धारित 40 प्रश्नों के संबंध में सटीक और स्पष्ट जानकारी प्राप्त की जाएगी। किसी भी परिवार या व्यक्ति की सूचना छूटे नहीं, न ही कोई पुनरावृत्ति हो। प्रगणकों को डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का संकलन बेहद सावधानी से दर्ज करना होगा।
"वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती विनीता सिंह, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त (जनगणना), जिला विद्यालय निरीक्षक, अपर जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जनगणना कार्य निदेशालय (लखनऊ) के सहायक निदेशक/प्रभारी सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


