बलिया (यूपी)। गांधी जयंती के अवसर पर जनपद बलिया में बाल विवाह की सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने और गांवों को 'बाल हितैषी' बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। 2 अक्टूबर को जिले के 6 विकास खंडों की 100 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर 'बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत' बनाने का संकल्प लिया गया और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए।
इस दूरगामी पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों और विशेषकर किशोरियों को सुरक्षित, शिक्षित और अधिकार-संपन्न वातावरण प्रदान करना है। ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों, अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों को बाल विवाह रोकने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में 'नव भारतीय नारी विकास समिति' (बहेरी, बलिया) के निदेशक श्री अजहर अली ने समुदाय की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए परिवार, समाज और प्रशासन का त्रिस्तरीय सहयोग बेहद जरूरी है।
'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत आयोजित इस पहल में यह संदेश दिया गया कि गांवों को बाल-हितैषी बनाना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। संस्था ने जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और युवाओं से आगे आकर इस सामाजिक कुरीति को खत्म करने की अपील की है।


