प्रयागराज, 19 सितंबर:
तहसील सोरांव में शनिवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की उदासीनता क्षम्य नहीं होगी।
6 अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब
समाधान दिवस के दौरान अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, परियोजना अधिकारी (डूडा), सहायक निदेशक मत्स्य, जोनल ऑफिसर (जोन-7, फाफामऊ), जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला उद्यान अधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनसे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य बिंदु एवं प्रमुख मामले:
शिकायतों का आंकड़ा: समाधान दिवस में कुल 551 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 14 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
राजस्व विभाग: 405
पुलिस विभाग: 70
विकास विभाग: 30
अन्य विभाग: 46
फर्जी बैनामा मामले में FIR के निर्देश: मऊआइमा निवासी मुजफ्फर हक मुजाहिद की कूटरचित दस्तावेजों से फर्जी बैनामा कराने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सोरांव को जांच कर संलिप्त लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
अवैध कब्जे पर कार्रवाई: ग्राम सिगरौर उपरहार में मेला के लिए सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे और ग्राम जगदीशपुर में चकमार्ग खाली न करने की शिकायतों पर उपजिलाधिकारी सोरांव को तुरंत कब्जा हटवाने और विधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
पोषण अभियान: कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील में पोषण अभियान के तहत 2 महिलाओं (श्रीमती संगीता गुप्ता व श्रीमती राखी देवी) की गोदभराई कराई और 3 बच्चों (प्रिंस, रित्विक व काव्या) का अन्नप्राशन कराया।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि शिकायतकर्ता से फीडबैक लेकर उन्हें संतुष्ट किया जाए। उन्होंने राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों को जमीन पर जाकर शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अंदर करने के सख्त निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) श्रीमती उपमा पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी, उपजिलाधिकारी सोरांव, तहसीलदार सोरांव सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


