प्रतापगढ़: संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने प्रतापगढ़ जनपद की कुंडा तहसील का औचक निरीक्षण किया। जनसुनवाई के दौरान कार्य में लापरवाही, अव्यवस्था और अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है।
निरीक्षण के दौरान हुई मुख्य कार्रवाइयां:
लेखपाल एसोसिएशन के पदाधिकारियों पर निलंबन: जनसुनवाई के दौरान फरियादियों के प्रकरणों के निस्तारण हेतु लेखपाल अनुपस्थित पाए गए। लेखपालों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद के कारण सुनवाई ठप होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने एसडीएम कुंडा को लेखपाल एसोसिएशन के महामंत्री और मंत्री को निलंबित करने के निर्देश दिए।
11 अधिकारियों का वेतन रोका: समाधान दिवस से गायब मिले 11 विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने सभी का वेतन रोकने के आदेश दिए।
तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का वेतन बाधित: धारा 34 के तहत 90 दिन से अधिक पुराने 1,000 से अधिक मामले लंबित पाए गए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मंडलायुक्त ने तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक और तीनों नायब तहसीलदारों का वेतन तब तक रोकने के निर्देश दिए जब तक लंबित मामलों का निस्तारण शून्य नहीं हो जाता।
माल बाबू पर एडवर्स एंट्री: समाधान दिवस के निस्तारण रजिस्टरों और पंजीकरण रसीदों में गड़बड़ी, फर्जी आख्या और लापरवाही मिलने पर संबंधित माल बाबू के खिलाफ एडवर्स एंट्री (प्रतिकूल प्रविष्टि) व विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने एसडीएम कुंडा को चेतावनी देते हुए सभी रजिस्टरों को तत्काल दुरुस्त करने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों के निस्तारण और अभिलेखों के रख-रखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


