प्रयागराज। जनपद में पारंपरिक फसलों के साथ-साथ आधुनिक और व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। चाका ब्लॉक मुख्यालय स्थित खंड विकास अधिकारी सभागार में 02 एवं 03 सितंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के दर्जनों किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मखाना खेती की वैज्ञानिक विधियों, जल एवं भूमि प्रबंधन तथा प्रसंस्करण तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्नत प्रजातियों और रोगों के उपचार पर दिया गया जोरप्रशिक्षण सत्र में शुआट्स प्रयागराज, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नैनी, छाता और कौशांबी से आए वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों का मार्गदर्शन किया।
उन्नत प्रजातियों और रोगों के उपचार पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण सत्र में शुआट्स प्रयागराज, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नैनी, छाता और कौशांबी से आए वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों का मार्गदर्शन किया।
प्रमुख प्रजातियाँ: किसानों को मखाना की उन्नत किस्मों जैसे सुवर्णवैदेही, सावैर-1, और स्पर्श वैदेही की खेती करने की सलाह दी गई।
तकनीकी पहलू: नर्सरी तैयार करने की सही विधि, बीज व भूमि शोधन, तालाब और खेत की तैयारी तथा पौध रोपण के वैज्ञानिक तौर-तरीकों पर चर्चा हुई।
फसल सुरक्षा व उर्वरक: मखाना के पौधों में लगने वाले प्रमुख कीट-रोगों के उपचार और संतुलित उर्वरक प्रयोग के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और विपणन से बढ़ेगी आय
वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि मखाना का सही प्रसंस्करण (Processing), आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग ही किसानों को बाज़ार में बेहतर मूल्य दिला सकती है। दूसरे दिन किसानों की खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और विपणन से बढ़ेगी आयवैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि मखाना का सही प्रसंस्करण (Processing), आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग ही किसानों को बाज़ार में बेहतर मूल्य दिला सकती है। दूसरे दिन किसानों की खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।कार्यक्रम में वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक श्रीमती ममता मिश्रा और सहायक उद्यान निरीक्षक श्री अजय कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले किसानों को मिलेगा ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान: जिला उद्यान अधिकारी प्रयागराज। प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक राहत देने और लागत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए 'भंडारण प्रभार अनुदान योजना' लागू की है। इस योजना के तहत निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों को ₹100 प्रति क्विंटल की दर से सीधी सहायता राशि दी जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी श्री मेवा राम ने बताया कि गिरते बाज़ार भाव और बढ़ती भंडारण लागत से किसानों को बचाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।प्रति किसान अधिकतम ₹20,000 की मिलेगी आर्थिक मदद अनुदान की सीमा: एक किसान अधिकतम 200 क्विंटल आलू (यानी 400 पैकेट) पर सब्सिडी का लाभ ले सकता है। इस प्रकार प्रति किसान अधिकतम ₹20,000 तक का वित्तीय लाभ मिलेगा। सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर: अनुदान की राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे किसान के डीबीटी (DBT) से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र किसानों को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
कोल्ड स्टोरेज की आमद रसीद व गेट पास
आलू बिक्री संबंधी दस्तावेज व बोरी (बैग) सत्यापन रिपोर्ट
आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति
ज़मीन के कागजात (अद्यतन खतौनी)
इच्छुक किसान योजना से संबंधित किसी भी अन्य जानकारी के लिए विकास भवन (तीसरा तल, कक्ष संख्या-85) स्थित कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, प्रयागराज में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं।

