प्रयागराज। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान असंतुष्ट फीडबैक की अधिक संख्या और शिकायतकर्ताओं से सीधी वार्ता न करने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई, परियोजना अधिकारी डूडा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सहित कई विभागीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही, अत्यधिक खराब प्रदर्शन करने वाले और शत-प्रतिशत वार्ता न करने वाले कई अधिकारियों का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया है।
बैठक के मुख्य बिंदु:
गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
अनिवार्य वार्ता व परीक्षण: शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से अनिवार्य रूप से वार्ता की जाए और निस्तारण का परीक्षण भी कराया जाए, ताकि वास्तविक संतुष्टि का आकलन हो सके।
स्थायी समाधान की दिशा में कदम: बार-बार आने वाली शिकायतों के मूल कारणों को चिह्नित कर उनका स्थायी समाधान निकालने और लंबित मामलों की रिपोर्ट पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार समेत विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

