प्रयागराज: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को संगम सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उपजिलाधिकारियों (SDM) और तहसीलदारों को तहसीलवार लम्बित राजस्व मामलों की सुनवाई कर उन्हें जल्द से जल्द 'शून्य' करने के कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक के मुख्य बिंदु:
लम्बित मामलों का निस्तारण: 3 से 5 साल से अधिक समय से लम्बित राजस्व वादों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुए उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
अंश निर्धारण संशोधन अभियान: अंश निर्धारण (हिस्सा तय करने) संशोधन से जुड़े आवेदन पत्रों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया।
पारिवारिक वरासत और नामांतरण: निर्विवादित वरासत के मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने और दाखिल-खारिज के बाद खतौनी में नाम दर्ज करने (अमलदरामद) की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।
समयसीमा का पालन: सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को राजस्व से जुड़े हर लम्बित मामले को हर हाल में तय समयसीमा के भीतर निपटाने की हिदायत दी गई।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, सभी अपर जिलाधिकारी (ADM), SDM, तहसीलदार और नायब तहसीलदार समेत राजस्व विभाग के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।


