गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
रगड़गंज (गोंडा): उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र स्थित रगड़गंज के 'नूर मैटरनिटी अस्पताल' से स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरी लापरवाही पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक और प्रसूता की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया है। चेकअप का झांसा देकर कर दिया ऑपरेशन!
पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे प्रसूता को केवल सामान्य चेकअप के लिए नूर मैटरनिटी अस्पताल लेकर आए थे। आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने परिजनों को धोखे में रखा और बिना किसी पूर्व जानकारी या सहमति के मरीज का बड़ा ऑपरेशन (सिजेरियन डिलीवरी) कर दिया।
4 घंटे तक कमरे में रखा बंद, मिलने से रोकापरिजनों का यह भी दावा है कि ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति के बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया गया। करीब 4 घंटे तक परिजनों को प्रसूता से मिलने नहीं दिया गया। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली, तब परिजनों ने शक होने पर दबाव बनाया। परिजनों के अनुसार, लापरवाही के चलते महिला ने दम तोड़ दिया।
3 दिन बाद भी एफआईआर नहीं, कार्रवाई के इंतजार में अंतिम संस्कार
घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद तरबगंज थाना पुलिस द्वारा मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। परिजनों का कहना है कि वे न्याय पाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होने के इंतजार में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोके हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर उठते सवाल
गोंडा में निजी अस्पतालों की मनमानी और अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम में प्रसूताओं की मौत का यह पहला मामला नहीं है।
क्या अस्पताल पंजीकृत है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में कई मानकविहीन मैटरनिटी सेंटर बिना योग्य डॉक्टरों के चल रहे हैं।
पुलिस की ढिलाई: 3 दिन बीत जाने के बाद भी केस दर्ज न होना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से अस्पताल को सील करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

