प्रयागराज। मण्डलायुक्त प्रयागराज मण्डल के निर्देश पर आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य-पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मिलावट के संदेह में 960 किलोग्राम संदिग्ध मसाले सीज किए गए, जिनकी कीमत लगभग 2.91 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही कई प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों से नमूनों का संग्रहण कर गंभीर अनियमितताओं पर सुधार नोटिस जारी किए गए।
मसाला निर्माणशाला पर छापा, 2.91 लाख का माल सीजखाद्य सुरक्षा सचल दल की टीम ने कसारी मसरी, गौस नगर स्थित 'यू. एन. गृह उद्योग' (U N Grih Udyog) मसाला निर्माणशाला का औचक निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित कारोबारी इज़हार खान को परिचय पत्र दिखाकर कार्रवाई शुरू की गई।
कारखाने में बिक्री के उद्देश्य से रखे हल्दी, लाल मिर्च, धनिया और अमचूर पाउडर की गुणवत्ता पर संदेह होने पर 4 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए संकलित किए गए। इसके बाद सुरक्षा के दृष्टिगत शेष 960 किलोग्राम मसाले को मौके पर ही सीज कर दिया गया:
हल्दी पाउडर: 9 बोरी (270 किग्रा) — अनुमानित मूल्य ₹91,800
अमचूर पाउडर: 4 बोरी (120 किग्रा) — अनुमानित मूल्य ₹36,800
लाल मिर्च पाउडर: 9 बोरी (270 किग्रा) — अनुमानित मूल्य ₹86,400
धनिया पाउडर: 10 बोरी (300 किग्रा) — अनुमानित मूल्य ₹94,000
(कुल सीज सामग्री: 960 किग्रा | अनुमानित कुल मूल्य: ₹2,91,000)
स्वीट हाउस और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई
माखन चोर स्वीट हाउस (शांतिपुरम, फाफामऊ): सोरांव तहसील के नायब तहसीलदार की मौजूदगी में छापेमारी की गई। यहां से छेना मिठाई और मिश्रित दूध के दो नमूने संग्रहित किए गए। परिसर में पाई गई गंदगी और अनियमितताओं के चलते प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी की गई।
कृष्णा स्वीट हाउस (गद्दोपुर): तहसील दिवस में मिली शिकायत के आधार पर खाद्य टीम ने गद्दोपुर स्थित इस दुकान पर छापा मारकर बेसन के लड्डू का नमूना भरा।
मेसर्स देवांशी फूड प्लाजा (माधवगंज, कटरा): नियमानुसार दही और सब्जी की ग्रेवी के विधिक नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, स्टाफ हाइजीन, खाद्य भंडारण तापमान और कीट नियंत्रण व्यवस्था में कमियां मिलने पर सुधार नोटिस देने की संस्तुति की गई।
प्रयोगशाला भेजी गई रिपोर्ट, अग्रिम कानूनी कार्रवाई की तैयारी
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 9 खाद्य नमूनों को जांच हेतु राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के सुसंगत प्रावधानों के तहत मिलावटखोरों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


