प्रयागराज 09 सितम्बर। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी ओपीडी, सीटी स्कैन कक्ष, दवा वितरण केंद्र, जन औषधि केंद्र, ट्रॉमा सेंटर और एक्स-रे रूम का गहनता से निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
बाहर की दवाओं पर सख्त रोक: जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। यदि कोई दवा अस्पताल के काउंटर पर उपलब्ध न हो, तो मरीज को परिसर स्थित 'जन औषधि केंद्र' भेजा जाए और पर्चे पर जन औषधि केंद्र की मुहर लगाई जाए। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को जन औषधि केंद्र का नियमित निरीक्षण करने का आदेश दिया।
गैरहाजिर कर्मचारियों पर कार्रवाई: आर्थो वार्ड नंबर-1 के वार्ड ब्वाय सोम सिंह और वार्ड नंबर-2 के शाहिद अली के अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने उनका स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसियों को रोस्टर के अनुसार शत-प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
नई एमआरआई मशीन का प्रस्ताव: अस्पताल में केवल एक एमआरआई मशीन होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य को दूसरी एमआरआई मशीन स्थापित करने हेतु तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया।
समय पर जांच व व्यवहार में सुधार: एक्स-रे कक्ष के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए गए कि मरीजों को फिल्म के साथ उसकी रिपोर्ट भी अनिवार्य रूप से दी जाए। उन्होंने चिकित्सकों व स्टाफ को मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए।
सफाई व्यवस्था और 'मां की रसोई': परिसर में नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और बेडशीट बदलने की व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने 'मां की रसोई' का भी निरीक्षण किया और वहां की स्वच्छता एवं भोजन की गुणवत्ता की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, नगर मजिस्ट्रेट विनय सिंह और अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा बुधवार को स्वरूपरानी चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध हो रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सभी सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। जिलाधिकारी न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी ओपीडी कक्ष में पहुंचकर सम्बंधित चिकित्सकों से ओपीडी में आने वाले मरीजों के बारे में जानकारी लेते हुए प्रतिदिन होने वाली ओपीडी की संख्या के बारे में भी पूछा। इसके साथ ही साथ उन्होंने सिटी स्कैन कक्ष, दवा वितरण केन्द्र, जन औषधि केन्द्र, ट्रामासेंटर, एक्सरे रूम सहित अन्य चिकित्सा कक्षों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने आर्थों के वार्ड नम्बर-1 में सोम सिंह-वार्ड ब्वाय एवं आर्थों के वार्ड नम्बर-2 में शाहिद अली के अनुपस्थित पाये जाने पर उनके स्पष्टीकरण लिए जाने के लिए कहा है। उन्होंने अस्पताल परिसर में कार्मिक उपलब्ध करा रही सेवा प्रदाता एजेंसियों को रोस्टर के अनुसार कार्मिकों की ड्यूटी लगाने तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित किए जाने के लिए निर्देशित किया।
निरीक्षण में जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में पर्चे पर बाहर की दवा न लिखी जाये। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं को ही लिखा जाये। यदि अस्पताल में सम्बंधित दवा न उपलब्ध हो, तो जनऔषधि केन्द्र पर मिलने वाली दवाओं को लिखे जाने के लिए कहा। उन्होंने दवा औषधि वितरण काउंटर पर पहुंचकर वहां पर खड़े मरीजों से पर्चा लेकर स्वयं काउंटर पर दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जो दवाएं अस्पताल के काउंटर में नहीं उपलब्ध हो, उन दवाओं के लिए मरीजों को अस्पताल परिसर में स्थित जनऔषधि केन्द्र पर दवा लेने के लिए गाइड करें। साथ ही साथ जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जो दवाएं न उपलब्ध हो, उसके लिए पर्चे पर जनऔषधि केन्द्र की मोहर लगाते हुए जन औषधि केन्द्र पर दवा के लिए मरीजों को भेजे। जिलाधिकारी ने ड्रग इस्पेक्टर को जनऔषधि केन्द्र में उपलब्ध दवाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने जनऔषधि केन्द्र के प्रभारी को मानक के अनुरूप ही दवाएं रखने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल परिसर में कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति घूमते हुए न मिले। प्रधानाचार्य के द्वारा बताया गया कि अस्पताल में एक ही एमआरआई की मशीन है। उन्होंने कहा कि एक एमआरआई मशीन की और आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने एक और एमआरआई मशीन के लिए प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है।
जिलाधिकारी ने एक्सरे कक्ष में जाकर वहां पर कितने मरीजों का एक्सरे किया गया, के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि मरीजों को एक्सरे फिल्म के साथ-साथ उसकी रिपोर्ट भी दी जाये। ट्रामासेंटर के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाये रखने तथा अस्पताल में भर्ती मरीजों की बेडशीट को नियमित रूप से बदलने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार हो, मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाये तथा उनका समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। जिलाधिकारी ने अस्पताल में मां की रसोई को भी देखा। वहां की साफ-सफाई की व्यवस्था एवं खाने की गुणवत्ता की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, नगर मजिस्टेªट श्री विनय सिंह सहित अन्य सम्बंधित चिकित्सकगण उपस्थित रहे।


