प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी)। राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ की ओर से उत्तर प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों एवं विद्यालय प्रबंधकों के सामने आ रही प्रशासनिक कठिनाइयों के समाधान के लिए सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमाशंकर राजभर 'विद्यार्थी' को 11 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया। संघ ने सांसद से अनुरोध किया कि वे इन मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखकर प्रभावी पैरवी करें।
प्रमुख माँगें:
मानकों और एनओसी में छूट: 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले विद्यालय भवनों के लिए फायर एनओसी (Fires NOC) की अनिवार्यता समाप्त की जाए। इसके साथ ही, नवीन मान्यता के लिए खेल मैदान और 30 फीट चौड़ी सड़क संबंधी मानकों में व्यावहारिक संशोधन किया जाए।
U-DISE एवं प्रवेश अधिकार: नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी को U-DISE प्रणाली में शामिल किया जाए। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को प्राथमिकता पर U-DISE कोड आवंटित किया जाए तथा विद्यार्थियों के प्रवेश एवं विवरण संशोधन का अधिकार सीधे विद्यालयों को मिले।
APAAR ID की जिम्मेदारी: APAAR ID बनाने की अनिवार्य शर्त विद्यालयों से हटाकर अभिभावकों के स्तर पर दी जाए।
RTE प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि: RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को 450 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह किया जाए और 12 महीने के आधार पर इसका समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो।
प्रबंधकों को स्वास्थ्य सुरक्षा: निजी विद्यालय प्रबंधकों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिले।
बिजली दरों और सोलर सब्सिडी में राहत: विद्यालयों पर कमर्शियल (व्यावसायिक) के बजाय डोमेस्टिक (घरेलू) विद्युत दर लागू की जाए और सोलर प्लांट लगाने पर 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाए।
प्रशासनिक सरलीकरण: बीएसए (BSA) कार्यालय में हस्ताक्षर सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और नियमित रूप से संचालित विद्यालयों को बिना अनावश्यक औपचारिकताओं के स्थायी मान्यता दी जाए।
सांसद ने दिया आश्वासन
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गोस्वामी गौरव भारती की अपील पर सांसद रमाशंकर राजभर ने सभी मांगों को शासन और मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर संतोष कुमार उपाध्याय, राजेश सोनी, जय प्रकाश यादव, संजय चौहान, कामता यादव, उमेश यादव, और श्याम नारायण पांडेय सहित संघ के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

