प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी)। थाना मनियर क्षेत्र के ग्राम सभा चंदायर और बहदुरा के मध्य (बालूपुर-सिकंदरपुर मुख्य मार्ग) मंगलवार की सुबह इंसानियत और ममता की एक मिसाल देखने को मिली। सुबह लगभग 5 बजे नीम के पेड़ के नीचे एक लावारिस नवजात बच्ची मिली, जिसे चींटियों ने पूरी तरह घेर रखा था।
चींटियों से घिरी मासूम की किल्कारी सुन सहमीं महिलाएं
जानकारी के अनुसार, सुबह शौच के लिए निकलीं महिलाओं ने नवजात की किल्कारी सुनी। मौके पर पहुंचकर जब उन्होंने बच्ची को चींटियों से ढका देखा, तो वे स्तब्ध रह गईं। इसी बीच ग्राम सभा चंदायर (डीह पर) की एक दिलेर किशोरी ने बिना देर किए मासूम को अपनी गोद में उठाया और चींटियों से मुक्त कराकर उसकी जान बचाई। हालांकि, इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति किशोरी के हाथ से बच्ची को छीनकर बहदुरा की तरफ भाग निकला।
जन्म के कुछ ही समय बाद मासूम को इस तरह असहाय छोड़ दिए जाने की घटना से ग्रामीणों का कलेजा कांप उठा।
आशा बहू ने दिया ममता का सहारा, डॉक्टर ने बताया स्वस्थ
घटना के बाद बहदुरा निवासी मनीष ठाकुर की मां (जो स्थानीय आशा बहू हैं) ने इंसानियत का परिचय देते हुए नवजात को नहलाया-धुलाया, मालिश की और नए कपड़े पहनाए। तुरंत ही बच्ची को स्थानीय चिकित्सक को दिखाया गया, जहां प्रारंभिक जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई।
बेटी के रूप में पालने को लेकर दो परिवारों में भावनात्मक खींचतान
घटना की सूचना मिलते ही किशोरी के चाचा-चाची बाइक से बहदुरा चट्टी पहुंचे। मासूम को सुरक्षित देख सभी ने राहत की सांस ली। इसके बाद बच्ची को गोद लेने और बेटी की तरह पालने के लिए दो परिवारों में भावनात्मक खींचतान शुरू हो गई। एक परिवार मुस्लिम समुदाय की नट बिरादरी से था, तो दूसरा परिवार हिंदू समुदाय के अनुसूचित जाति वर्ग से।
सुनेसर राम के घर गूंजी किलकारी, रीमा देवी की गोद हुई हरी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सामाजिक संगठन 'मित्र सहायता परिवार' के जिलाध्यक्ष बड़े लाल यादव और राहुल यादव ने अपनी सूझबूझ से बीच-बचाव किया। सर्वसम्मति से नवजात बच्ची को चंदायर (डीह पर) निवासी सुनेसर (पुत्र स्व. चंद्रदेव राम) की पत्नी रीमा देवी की गोद में सौंप दिया गया।
उल्लेखनीय है कि सुनेसर राम के केवल बेटे ही थे, कोई बेटी नहीं थी। पुत्री विहीन दंपती बच्ची को पाकर बेहद भावुक और खुश नजर आए।
सीएचसी सिकंदरपुर में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
बच्ची को गोद में लेने के बाद दंपती उसे समुचित जांच व उपचार के लिए सीएचसी सिकंदरपुर लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद नवजात को पूरी तरह तंदुरुस्त और स्वस्थ घोषित किया। इसके बाद परिजन बेहद खुशी-खुशी मासूम को अपने घर ले गए।


