विशेष संवाददाता / ब्यूरो प्रमुखबलिया (उत्तर प्रदेश) राष्ट्रीय आह्वान के तहत अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (AIKMS) और भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने मनियर ब्लॉक मुख्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय सामूहिक उपवास व सत्याग्रह आंदोलन का सफलतापूर्वक समापन किया। 13 और 14 अगस्त तक चले इस आंदोलन के जरिए मजदूरों ने रोजगार, सम्मानजनक मजदूरी, आवास और जमीन सहित विभिन्न बुनियादी अधिकारों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
प्रमुख मांगें:
रोजगार की गारंटी: बीबीजी रामजी योजना के तहत सभी गरीब परिवारों के जॉब कार्ड बनाए जाएं और प्रत्येक जरूरतमंद को वर्ष में 125 दिन का रोजगार दिया जाए।
मजदूरी में वृद्धि: दैनिक न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर ₹700 प्रति दिन की जाए।
आवास और जमीन: गरीब व बेघर परिवारों को आवास निर्माण के लिए ₹7 लाख की आर्थिक सहायता और बसने के लिए 5 डिसिमिल जमीन का पट्टा दिया जाए।
सामाजिक सुरक्षा: बुजुर्गों को प्रति माह ₹6,000 की पेंशन दी जाए।
बीडीओ के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन
आंदोलन के दौरान अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय पार्षद बशिष्ठ राजभर ने ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) मनियर, विकास कुमार साह को राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
"गरीब और ग्रामीण मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी, पक्का आवास, जमीन और सामाजिक सुरक्षा देना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है। जब तक गरीबों को उनके अधिकार नहीं मिलते, यह संघर्ष जारी रहेगा।"
जनसभा और आंदोलनकारी नेताओं का संबोधन
सत्याग्रह के दौरान आयोजित सभा को किसान नेता मुनि सिंह, रेखा पासवान, राधेश्याम चौहान, लीलावती, सुबास राजभर, हरिनारायण प्रजापति, श्रीराम राजभर, शिवबचन राम, अशोक राम, नागेन्द्र कुमार और जनार्दन सिंह समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भोली पासवान ने की तथा संचालन योगेंद्र राम ने किया।
जूस पिलाकर उपवास का समापन
दो दिवसीय सत्याग्रह के अंत में श्री राम चौधरी ने उपवास पर बैठे कार्यकर्ताओं और मजदूरों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। मजदूर नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि उनकी जायज मांगों का शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन आगे और भी तेज किया जाएगा।


