प्रयागराज, 25 अगस्त 2026।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एवं प्रभागीय वनाधिकारी श्री अरविंद कुमार यादव और मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह के तत्वावधान में मंगलवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा सुरक्षा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई
जिला गंगा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने गंगा एवं सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में प्रदूषित पानी गंगा तथा उसकी सहायक नदियों में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नदी में गिरने वाले सभी नालों की शीघ्र पहचान कर उनकी टैपिंग सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नदी से जुड़े नालों पर ध्यान देने और उनके प्रभावी प्रबंधन के निर्देश दिए, ताकि अनुपचारित जल सीधे नदियों में न पहुंचे। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा।
बैठक में गंगा संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा की गई तथा सभी विभागों को जनसहभागिता बढ़ाने और नदी संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
*जिले में चल रहे वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति की समीक्षा, पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा रोपित पौधों की शत प्रतिशत जियो टैगिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए*
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी एवं विभाग तत्काल प्रभाव से जियो‑टैगिंग का कार्य एक सप्ताह के अंदर पूर्ण करें। पौधों की स्थिति, सुरक्षा और देखभाल का वास्तविक समय में मॉनिटरिंग संभव हो सकेगा। साथ ही जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पौधों की जीवित प्रतिशत बढ़ाने हेतु सुरक्षा व्यवस्था, नियमित जलप्रवाह, कीट‑नियंत्रण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मा० राष्ट्रीय हरित अधिकरण, नई दिल्ली के आदेशों के अनुपालन में जनपद प्रयागराज हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस अवसर पर वायु गुणवत्ता सुधार हेतु संचालित विभिन्न कार्य योजनाओं, वायु गुणवत्ता निगरानी, जन-जागरूकता कार्यक्रमों, हरित क्षेत्र विस्तार एवं प्रदूषण नियंत्रण संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनपद में वायु गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाने हेतु वायु गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा प्रदूषण एवं धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक नई मशीनों एवं उपकरणों की व्यवस्था/क्रय किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों की यांत्रिक सफाई एवं धूल नियंत्रण हेतु उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया तथा आवश्यकतानुसार नई मशीनों की खरीद के लिए एनसीएपी के अंतर्गत उपलब्ध धनराशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एकल उपयोग प्लास्टिक (Single Use Plastic) के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग पर प्रतिबंध के प्रभावी अनुपालन की भी समीक्षा की गई। नगर निगम, पुलिस विभाग एवं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक के विरुद्ध संचालित अभियान एवं की गई प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नियमित अभियान संचालित करते हुए प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही आमजन एवं व्यापारियों को एकल उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों तथा इसके प्रतिबंध के संबंध में जागरूक करने हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किए जाएं। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

