सैम बच्चों की श्रेणी में सुधार लाये जाने हेतु विशेष प्रयास करने तथा बच्चों के परिवारों को योजनाओं के लाभ से संतृप्त कराये जाने के दिए निर्देश
अपूर्ण आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्य को शीघ्रता से पूर्ण कराये जाने के दिए निर्देश
प्रयागराज 25 अगस्त।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को एन0आई0सी0 कक्ष में जिला पोषण/कन्वर्जेंस समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने बाल विकास विभाग की विभागीय प्रगति की समीक्षा करते हुये जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि संभव अभियान के पोषण ट्रैकर एवं ई-कवच के बचे हुए 03 इंडीकेटर्स में 75 प्रतिशत एवं 01 इंडीकेटर में 95 प्रतिशत की प्रगति इसी माह लाना सुनिश्चित करें तथा एफ0आर0एस0 एवं टी0एच0आर0 वितरण की प्रगति भी शत प्रतिशत लायें। सैम बच्चों के अभिभावकों के साथ बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी व्यक्तिगत सम्पर्क कर एवं उनके श्रेणी में सुधार लाने के विशेष प्रयास करें इस कार्य में स्वास्थ्य विभाग, रॉकेट लर्निंग, पंचायत राज एवं अन्य कन्वर्जेन्स विभागों का पूरा सहयोग लिया जाए तथा विकासखंड पर खण्ड विकास अधिकारी के सहयोग से ग्राम पंचायत के पोषण निधि का इनके सुधार में उपयोग करने की कार्ययोजना बनाते हुये क्रियान्वयन किया जाये साथ ही सैम बच्चों के परिवारों को सभी विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाये जाये। इस हेतु स्वास्थ्य विभाग, पंचायत राज विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग व ग्राम विकास विभाग का सम्मिलित सहयोग लिया जाये।
अपूर्ण आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पूरा कराने एवं अत्यधिक भूमि विवाद वाले स्थलों को परिवर्तित कराकर उन्हें भी पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये गये तथा कन्वर्जेन्स योजना के अंतर्गत अवशेष 34 केन्द्रों की स्वीकृति 03 दिवस में लेने के निर्देश दिये गये। रॉकेट लर्निंग द्वारा कुल 44 प्रतिशत केन्द्रों पर आंगनबाड़ी-अभिभावक बैठक की गयी जिसे बढ़ाकर शत प्रतिशत करने तथा रॉकेट लर्निंग की प्रगति की अलग से समीक्षा करने के निर्देश दिये गये। जिला पंचायत राज अधिकारी को सैम बच्चों की सूची के सापेक्ष उनके परिवार को शौचालय उपलब्ध कराने तथा जिला पूर्ति अधिकारी को राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिये गये। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में 135 प्रतिशत प्रगति के साथ प्रयागराज का प्रदेश में प्रथम रैंक बनाये रखने पर संतोष व्यक्त किया गया एवं सी0एम0 डैशबोर्ड में प्रगति कर ‘‘बी‘‘ से ‘‘ए‘‘ श्रेणी में आने के निर्देश दिये गये। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सैम बच्चे किन कारणों से सैम श्रेणी में हैं इसके लिये प्रत्येक बाल विकास परियोजना अधिकारी इसकी व्यापक समीक्षा कर वास्तविक कारणों को रेखांकित कर प्रस्तुत करें, ताकि इसपर रणनीति बनाकर उनमें सुधार लाया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों सहित कन्वर्जेन्स विभागों के अन्य सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

