प्रयागराज, 18 अगस्त: मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चारों जनपदों—प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़—के मुख्य विकास अधिकारियों सहित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में विकास व राजस्व रैंकिंग और कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। रैंकिंग और जल जीवन मिशन में ढिलाई पर नाराजगीजुलाई माह की रैंकिंग में विकास कार्यों में कौशाम्बी 9वें स्थान पर रहा, जबकि प्रयागराज (23वीं), फतेहपुर (27वीं) और प्रतापगढ़ (38वीं) पीछे रहे। राजस्व कार्यों में स्थिति और चिंताजनक पाई गई, जहाँ प्रयागराज 70वें और प्रतापगढ़ 72वें स्थान पर रहे।
जल जीवन मिशन में चारों जनपदों के 'डी' श्रेणी में रहने पर मंडलायुक्त ने तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता को पूरे मंडल का मानचित्र तैयार कर सभी जलापूर्ति और ट्रीटमेंट परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
मातृ मृत्यु और कुपोषण पर सख्त कदम
मातृ मृत्यु दर: प्रयागराज में संस्थागत प्रसव के दौरान 25 मातृ मृत्यु होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने सीडीओ प्रयागराज को हर मामले का विश्लेषण कर रिपोर्ट सौंपने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
संस्थागत प्रसव एवं अवैध क्लिनिक: फतेहपुर में 45% प्रसवों का विवरण उपलब्ध न होने पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने फर्जी नर्सिंग होम व अप्रशिक्षित डॉक्टरों (क्वैक्स) पर तुरंत ताला लगाने के आदेश दिए।
कुपोषण की स्थिति: कौशाम्बी में 3 माह पूर्व चिन्हित 51 गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों में से केवल 2 बच्चों के ही मध्यम श्रेणी (MAM) में पहुँचने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। सभी 51 बच्चों की स्थिति की जांच के लिए 10 दिनों में रैंडम वेरिफिकेशन आख्या मांगी गई है।
गुणवत्ता, निर्माण कार्य और जमीनी निरीक्षण
स्थलीय निरीक्षण: अगले 15 दिनों में मंडलायुक्त स्वयं सिंचाई, यूपी सिडको और जल निगम के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। सबसे खराब प्रदर्शन वाली 3-3 परियोजनाओं की संयुक्त जांच की जाएगी।
DAY-NRLM: प्रतापगढ़ में ढिलाई मिलने पर प्रत्येक जनपद में उत्कृष्ट और कमजोर स्वयं सहायता समूहों को बुलाकर संवाद स्थापित करने और समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए गए।
अन्य प्रमुख निर्देश: पात्र परिवारों के लिए फैमिली आईडी और कच्चे मकानों का सर्वे, मनरेगा हेतु गूगल मैप से भूमि चिन्हांकन, प्रयागराज के होलागढ़ सीएचसी को मॉडल NQAS अस्पताल बनाना, और गौशालाओं में स्वच्छता व गोबर से बायोगैस प्लांट की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए।

