मुविवि के मियांबाकी वन में दूसरे चरण का वृहद वृक्षारोपण अभियान सम्पन्न
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने किया नीम, चंदन, रुद्राक्ष एवं पीपल का रोपण
नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं वन विभाग ने दिया संरक्षण और जनजागरूकता का संदेश
प्रयागराज
प्रयागराज, 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के यमुना परिसर स्थित मियांबाकी वन में सोमवार को बृहद वृक्षारोपण अभियान के दूसरे चरण का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार, चिकित्सा विशेषज्ञों, वन विभाग के अधिकारियों तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं नशा मुक्ति के संयुक्त संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
गौरतलब है कि राज्यपाल सचिवालय के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय के यमुना परिसर में मियांबाकी वन का निर्माण किया गया है, जिसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, हरित परिसर का विकास तथा भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने स्वयं नीम, चंदन, रुद्राक्ष, पीपल सहित अनेक छायादार एवं औषधीय महत्व वाले पौधों का रोपण किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक हैं। उन्होंने विभिन्न औषधीय पौधों के गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधे के संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब पौधों का नियमित संरक्षण और संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रो. दिलीप चौरसिया एवं डॉ. पंकज त्रिपाठी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने सक्रिय सहभागिता की। दोनों चिकित्सकों ने शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा उन्मूलन केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का व्यापक आंदोलन है। उन्होंने शोध छात्रों से आह्वान किया कि वे नशा मुक्ति के लिए वैज्ञानिक, सामाजिक एवं व्यवहारिक दृष्टिकोण पर आधारित एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस जनहितकारी अभियान में मेडिकल कॉलेज की ओर से हर संभव शैक्षणिक, चिकित्सीय एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि वृक्षारोपण अभियान में विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। रोटरी इलाहाबाद रॉयल्स तथा इनरव्हील क्लब मिडटाउन की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने परिसर के विभिन्न स्थलों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर शालिनी तलवार, प्रियंका अग्रवाल, शिवानी अग्रवाल, सोनल अग्रवाल, वंदना पाण्डेय, आरती सक्सेना, कल्पना गुप्ता, मधु गुप्ता, अल्पना बनर्जी, शशि पोद्दार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी, सोरांव, सुश्री दिव्या मिश्रा ने पौधों के वैज्ञानिक संरक्षण, सिंचाई, पोषण एवं दीर्घकालिक रखरखाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की वास्तविक कुंजी है।
इस अवसर पर प्रो. दिलीप चौरसिया एवं डॉ. पंकज त्रिपाठी ने पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर के विकास तथा नशा मुक्ति जैसे सामाजिक सरोकारों को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए कुलपति प्रो. सत्यकाम के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. संजय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता तथा नशा मुक्ति जैसे अभियानों को व्यापक जनसहभागिता के साथ निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा। इस अवसर पर वित्त अधिकारी श्रीमती पूनम मिश्रा, कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. आशुतोष गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक डॉ जी के द्विवेदी, प्रो. एस. कुमार, प्रो. पी.के. पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं शोध छात्र उपस्थित रहे।
डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
