जैविक विधि से पान के रोगों का करें नियंत्रण-डॉ अशोक सिंह
प्रयागराज 22 जुलाई
प्रदेश में गुणवत्ता युक्त पान उत्पादन की योजना अंतर्गत औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रतापगढ़ जनपद के 65 पान उत्पादक कृषकों द्वारा भाग लिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में डॉ अशोक सिंह-नेशनल सेल मैनेजर एकोसेफ लिमिटेड द्वारा पान में लगने वाले प्रमुख रोगों की पहचान करते हुए उनके नियंत्रण के उपाय बताए गए डा. सिंह द्वारा बताया गया कि मृदा जनित रोगों के बचाव में बोडो मिश्रण का प्रयोग अधिक लाभकारी होता है प्रसार निदेशालय शुआटस नैनी प्रयागराज के उद्यान वैज्ञानिक डॉ शैलेंद्र सिंह द्वारा पान के बरेजा में कुंदरु परवल की सहफसली खेती को प्रोत्साहित किए जाने के सुझाव दिए गए, कीट विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुराग तायडे द्वारा कीटों के प्रबंधन तथा कीटों के जैविक नियंत्रण के लिए प्रकाश प्रपंच, फेरोमोन आदि की जानकारी दी गई औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के विशेषज्ञ विवेक श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि उद्यान विभाग द्वारा 1500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पान बरेजा निर्माण करने पर 75680 रुपए का अनुदान दिया जाता है पान लगाने वाले कृषक संबंधित जनपद के जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराकर इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं उपरोक्त के अलावा औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग के प्रशिक्षण प्रभारी वी के सिंह तकनीकी सहयोगी मनीष कुमार जनपद प्रतापगढ़ के प्रगतिशील पान उत्पादक सुरेश कुमार चौरसिया प्रदीप चौरसिया राजेंद्र चौरसिया लालमन चौरसिया जगदीश प्रसाद उमा देवी धरमशिला आदि द्वारा अपने ज्ञान से प्रतिभागियों को लाभान्वित किया गया I
