प्रयागराज:शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव - प्रोफेसर पुरोहित,मुक्त विश्वविद्यालय में 12 साल बेमिसाल पर व्याख्यानमाला का आयोजन
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प्रयागराज:शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव - प्रोफेसर पुरोहित,मुक्त विश्वविद्यालय में 12 साल बेमिसाल पर व्याख्यानमाला का आयोजन

 

प्रयागराज 15/06/2026: उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज द्वारा 12 साल बेमिसाल विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला के अंतर्गत सोमवार को प्रो. एच. सी. पुरोहित, डीन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण, दून विश्वविद्यालय, देहरादून ने आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं विकसित भारत 2047 विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और सामाजिक भागीदारी विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव हैं, यह मजबूत नींव 12 वर्षों के कालखंड में रखी गई है।



उन्होंने कहा कि भारत का विकास पथ केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, नवाचार, सामाजिक समावेशन और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने का राष्ट्रीय संकल्प है। प्रो. पुरोहित ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने अनेक चुनौतियों के बावजूद अपनी आर्थिक यात्रा में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आज भारत सेवा क्षेत्र, उद्योग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कृषि विकास, मजबूत एमएसएमई क्षेत्र, आधुनिक अधोसंरचना, कौशल विकास, तकनीकी प्रगति और उद्यमिता को बढ़ावा देना आवश्यक है। युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा को कौशल, ज्ञान और अवसरों से जोड़कर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है और इन सबके विकास के लिए पिछले 12 वर्षों में देश में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रो. पुरोहित ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ दुनिया से अलग होना नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को विकसित करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी नवाचार भारत की आर्थिक मजबूती के प्रमुख आधार बन रहे हैं और देश पिछले 12 वर्षों में तेज गति से प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। 

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय में आर्थिक नवाचार, आर्थिक आत्म निर्भरता और रोजगार परक पाठयक्रमों के विकास को रेखांकित किया । उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का विस्तार सम्पूर्ण प्रदेश के सभी जिलों में है। हम सभी छात्रों को नवाचारी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा रोजगार परक कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं।कुलपति ने लघु कुटीर उद्योग के महत्व को बताते हुए स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, वोकल फार लोकल के महत्व को समझाया। भारत आज इन्हीं के माध्यम से आर्थिक समृद्धि में आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने अतिथियों, प्रतिभागी गणों के प्रति आभार व्यक्त किया ।


डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र

जनसंपर्क अधिकारी

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