गोंडा के करनैलगंज तहसीलदार के किचन से एक खतरनाक रसल वाइपर सांप को रेस्क्यू किया गया है। यह सांप पिछले तीन दिनों से किचन में छिपा हुआ था, जिससे खाना बनाने वाले कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही थी।
लगभग ढाई फीट लंबा यह जहरीला सांप किचन के अंदर बार-बार आ जा रहा था, जिसके कारण भंडारी ठीक से खाना नहीं बना पा रहे थे।
इस स्थिति से परेशान होकर तहसीलदार ने सर्प मित्र अरुण कुमार बाबा से संपर्क किया है और सूचना मिलने पर सर्प मित्र अरुण कुमार बाबा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने पूरी सावधानी बरतते हुए रसल वाइपर का सुरक्षित रेस्क्यू किया है रेस्क्यू करते समय बार-बार रसल वाइपर काटने के लिए भी दौड़ रहा था जिस लोहे की रॉड से रेस्क्यू किया जा रहा था उसको भी काटने का प्रयास कर रहा था।
लेकिन घंटे कड़ी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ने के बाद उसे पास के जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया है। सर्प मित्र अरुण कुमार बाबा ने बताया कि रसल वाइपर बेहद खतरनाक सांप होता है और इसे 'यमराज का दूसरा रूप' भी कहा जाता है।
सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने में माहिर
यह सांप तीन से साढ़े तीन फीट तक उछलकर भी काट सकता है। अरुण कुमार बाबा ऐसे जहरीले सांपों को पकड़ने और सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने में माहिर हैं। रसल वाइपर के रेस्क्यू किए जाने के बाद करनैलगंज तहसीलदार और उनके किचन में काम करने वाले कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
कर्नलगंज एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि तहसीलदार की किचन में यह जहरीला सांप जाकर के बैठा हुआ था काफी दिक्कत हो रही थी जिसे फिलहाल अब रेस्क्यू करके वहां से हटा दिया गया है।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
