जिलाधिकारी ने सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में की बैठक
कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए की जायेगी कड़ी कार्रवाई-जिलाधिकारी
प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते पाया गया तो सम्बंधित प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन होगा निरस्त
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारियों एवं अपर नगर मजिस्ट्रेटों को औचक निरीक्षण करने के दिए निर्देश
एलआईयू को निरीक्षण कर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये के दिए निर्देश
प्रयागराज 08 मई।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने सम्बंधी शिकायतों के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त रूप से हिदायत देते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को भी सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सरकारी चिकित्सक उनके यहां पै्रक्टिस न करने पाये। उन्होंने कहा कि यदि औचक निरीक्षण में किसी भी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम में कोई चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया गया तो सम्बंधित सरकारी चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई की ही जायेगी, इसके साथ ही साथ सम्बंधित प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके रजिस्टेªशन को भी निरस्त किया जायेगा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सरकारी अस्पतालों के सीएमएस को ऐसे सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है जो कि प्रैक्टिस भी करते है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज एवं सीएमएस सहित अन्य सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को निरंतर निरीक्षण करने एवं प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं अपर नगर मजिस्टेªटों के माध्यम से भी औचक निरीक्षण कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने एलआईयू को भी अपने स्तर से निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त करने तथा प्राइवेट पै्रक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दोनो कार्य एक साथ नहीं हो सकते, यदि कोई सरकारी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस ही करना चाहता है, तो पहले उसको त्यागपत्र देना होगा। उन्होंने आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी इसकी निरंतर निगरानी करने तथा इसको प्रोत्साहित न करने के निर्देश दिए है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रधानाचार्य मोती लाल नेहरू मेडिक कालेज डाॅ0 वी0के पाण्डेय, तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय बेली की सीएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के सीएमएस तथा मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारीगणों के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।
