नागेश्वर राव के नैक का अध्यक्ष बनने से प्रयागराज का गौरव बड़ा- प्रोफेसर सत्यकाम,इग्नू और राजर्षि टंडन सहित देशभर के शिक्षाविदों में खुशी की लहर
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नागेश्वर राव के नैक का अध्यक्ष बनने से प्रयागराज का गौरव बड़ा- प्रोफेसर सत्यकाम,इग्नू और राजर्षि टंडन सहित देशभर के शिक्षाविदों में खुशी की लहर

 


प्रयागराज 18/05/2026: प्रयागराज के धरतीपुत्र, देश के प्रख्यात शिक्षाविद प्रोफेसर नागेश्वर राव को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर देशभर के शिक्षाविदों में खुशी की लहर है। देश के शिक्षाविदों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि एक योग्य शिक्षाविद के हाथ में नैक की बागडोर आने से देश के शिक्षण संस्थानों का गुणवत्तापूर्ण विकास होगा। शिक्षा के विकास से ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होगा।

 उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति एवं प्रोफेसर नागेश्वर राव के साथ इग्नू में प्रतिकुलपति रहे प्रोफेसर सत्यकाम ने प्रोफेसर नागेश्वर राव को नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठा पूर्ण नियुक्ति से मुक्त विश्वविद्यालयों का गौरव बढ़ा है। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रोफेसर नागेश्वर राव के प्रयास अभतपूर्व हैं। उनके प्रयासों से ही मुक्त विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा पूरे देश में बढ़ी है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट रहे प्रोफेसर राव कॉमर्स और बिजनेस मैनेजमेंट के विद्वान हैं। शिक्षण करियर में 48 साल का अनुभव रखने वाले प्रोफेसर राव के कई शिष्य देश के प्रमुख संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। अपनी ऐतिहासिक शैक्षिक यात्रा के दौरान प्रोफेसर राव इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जुलाई 1978 से फरवरी 1985 तक कॉमर्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में लेक्चरर रहे। इसके उपरांत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में फरवरी 1985 से अक्टूबर 1990 तक फैकेल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज में रीडर रहे। देश में सबसे कम उम्र में प्रोफेसर बनने का गौरव हासिल करने वाले प्रोफेसर राव विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में अक्टूबर 1990 से दिसंबर 2013 तक पंडित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट आफ बिजनेस मैनेजमेंट में प्रोफेसर के पद में कार्यरत रहे।

प्रोफेसर राव ने देश के कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासनिक पदों के प्रमुख का दायित्व ग्रहण किया। देश के कई राज्य और केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा। 

प्रोफेसर राव सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति नियुक्त हुए। मुक्त विश्वविद्यालय में सबसे युवा कुलपति होने का उनका रिकॉर्ड अभी तक टूट नहीं पाया है। इसके उपरांत इसके उपरांत प्रोफेसर राव को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सम कुलपति और फिर कार्यवाहक कुलपति की कमान सौंपी गई। इसके उपरांत प्रोफेसर राव उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी, नैनीताल के कुलपति के पद पर नियुक्त हुए। तदोपरांत राष्ट्रपति द्वारा इग्नू के पूर्णकालिक कुलपति नियुक्त किए गये। 

इग्नू के कुलपति के रूप में प्रोफेसर राव ने काफी प्रतिष्ठा हासिल की। जिसके परिणाम स्वरूप भारत सरकार ने उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा करते हुए उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान केंद्रीय हिंदी निदेशालय तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडी के निदेशक का अतिरिक्त पदभार भी सौंपा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली को इनके कार्यकाल में नैक में ए डबल प्लस ग्रेड मिला। जो किसी भी मुक्त विश्वविद्यालय के लिए अभी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है, इससे अन्य मुक्त विश्वविद्यालयों की राह आसान हुई। इग्नू के इतिहास की इस सबसे बड़ी उपलब्धि के लिए तत्कालीन शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सर्वोच्च ग्रेड प्राप्त करने पर कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव को खुद बधाई दी थी। प्रोफेसर राव के कार्यकाल में इग्नू 40 लाख से अधिक छात्रों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी बनी रही। कोविड के दौरान ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रोफेसर नागेश्वर राव की डिजिटल पहल पर इग्नू को नोडल एजेंसी बनाया गया।

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र में बताया कि शोध और प्रकाशन के क्षेत्र में प्रोफेसर राव ने कई उपलब्धियां हासिल की। उन्होंने आठ लोकप्रिय पुस्तकें लिखीं। 37 पीएचडी छात्रों को गाइड किया तथा 180 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए। प्रोफेसर राव को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए जिनमें प्रमुख रूप से ऑनरेरी फेलो, कॉमनवेल्थ ऑफ़ लर्निंग है। ओपन और डिस्टेंस लर्निंग में विश्वस्तरीय योगदान के लिए प्रोफेसर राव को यह प्रतिष्ठित फेलोशिप मिली।राष्ट्रीय पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश सरकार का सरस्वती सम्मान है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रोफेसर राव को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। भारत सरकार द्वारा प्रोफेसर नागेश्वर राव को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर देशभर से प्रोफेसर राव को बधाइयां मिल रहीं हैं। देश के शिक्षाविदों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि एक योग्य शिक्षाविद के हाथ में नैक की बागडोर आने से देश के शिक्षण संस्थानों का अभुतपूर्व गुणवत्तापूर्ण विकास होगा। प्रयाग की धरती को अपनी कर्मभूमि मानने वाले प्रोफेसर राव की इस उपलब्धि पर प्रयागराज का गौरव बढ़ा है।

डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र 

जनसंपर्क अधिकारी

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