जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘‘ज्ञान भारतम् मिशन’’ के प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बंध में बैठक सम्पन्न
जिलाधिकारी ने पाण्डुलिपियों के चिन्हीकरण हेतु पाण्डुलिपियों के बारे में जानकारी रखने वाले लोगो से अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया
‘‘ज्ञान भारतम् मिशन’’ के अन्तर्गत पाण्डुलिपियों को किया जाएगा संरक्षित
प्रयागराज 02 अप्रैल
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरूवार को संगम सभागार में ज्ञान भारतम् मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित लोगों से कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन के इस अभियान के प्रथम चरण में जनपद प्रयागराज में पाण्डुलिपियाँ चिन्हित की जानी है। उन्होंने पाण्डुलिपियों के बारे में जानकारी रखने वाले लोगो से अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया है, जिससे पाण्डुलिपियों को संरक्षित किया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने ज्ञान भारतम् मिशन के उद्देश्यों पर विधिवत प्रकाश डाला, उसके पश्चात् विभिन्न संगठनों/संस्थाओं से आये लोगों ने ज्ञान भारतम् मिशन द्वारा कराये जा रहे पाण्डुलिपि सर्वेक्षण के बारे में अपने अपने विचार रखे। सिविल डिफेन्स के श्री अनिल कुमार गुप्ता ’अन्नू भैया ने बताया कि प्रयागराज जनपद की सीमा से लगे जनपद कौशाम्बी एवं रीवा स्टेट के पास महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियाँ है। उनका सर्वेक्षण एवं संरक्षण नितान्त आवश्यक है। तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र पालीवाल ने बताया कि प्रयागवाल तीर्थ पुरोहित समाज स्वयं में एक पाण्डुलिपि है तथा हमारे पास कई सौ वर्षों के पुराने ग्रंथ व वंशावलियाँ है जो प्राचीन भाषाओं में लिखित है। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के असिस्टेन्ट प्रोफेसर डा0 जमील अहमद ने बताया कि प्रयागराज जनपद में पाण्डुलिपियाँ अधिक मात्रा में हैं, यहाँ कि ज्ञान परम्परा अत्यधिक समृद्ध रही है। बैठक में दायराशाह अजमल से पधारे मौलाना शमशेर आजम व सज्जादानशीन फराज फाखरी ने बताया कि प्रयागराज में कुल बारह दायरा है जिसमें दायराशाह अजमल अति समृद्ध है। यहां हस्तलिखित ग्रन्थ भी मौजूद है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग से पधारे आचार्य प्रो0 अनिल प्रताप गिरि ने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के अन्तर्गत गाँव-गाँव में जाकर सर्वेक्षण करना चाहिए क्योंकि हमारी भारतीय ज्ञान परम्परा पोथी एवं हस्तलिखित ग्रन्थ के रूप में मन्दिरों/मठों/मस्जिदों/मदरसों में विद्वान लोगों के पास अभी भी संजोकर रखी हुयी हैं। उनका प्रकाश में आना भारतीय ज्ञान परम्परा के लिए अति आवश्यक है। श्री कुन्तक मिश्र प्रधान मंत्री हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने बताया कि हमारे यहाँ लगभग 12000 पाण्डुलिपियाँ है। उनका डिजिटाइजेशन का कार्य चल रहा है। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज से डॉ0 कल्पना सहाय ने बताया कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से ज्ञान भारतम् के द्वारा चलाये जा रहे पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का जनपद प्रयागराज में व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
बैठक का संयोजन संस्कृति विभाग प्रयागराज के पाण्डलिपि अधिकारी गुलाम सरवर ने किया। जिला विकास अधिकारी श्री जी0पी0 कुशवाहा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री दिनेश सिंह, प्राविधिक सहायक श्री राकेश कुमार वर्मा, प्रा0सहा0 श्री हरिश्चन्द्र दुबे, इलाहाबाद संग्रहालय से डॉ0 संजू मिश्रा, श्री दुकान जी, कनिष्ठ सहायक अजय कुमार मौर्य, मो0 सफीक एवं अभिषेक कुमार सहित जैन समाज के रमेश चन्द्र जैन, शिव शर्मा संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य श्रीमती आशा देवी, डॉ0 आदित्य कुमार सहित समस्त खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।
