गोंडा की नगर कोतवाली पुलिस ने आज रविवार को देर शाम रंगदारी मांगने के आरोप में विजय किशोर सिंह उर्फ भोलू सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फॉर्च्यूनर गाड़ी से एक युवक को बंधक बनाकर लाइसेंसी राइफल तानते हुए 12.50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह घटना पिछले साल अगस्त 2025 की बताई जा रही है। आजाद नगर निवासी विजय किशोर सिंह उर्फ भोलू सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर झंझरी ब्लॉक के पास से 24 वर्षीय युवक विंध्यवेंद्र मिश्रा उर्फ सत्यम को अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से अगवा कर लिया था।
आरोप है कि विंध्यवेंद्र को पेरी तालाब पर ले जाकर बंधक बनाया गया। वहां आरोपी ने अपनी लाइसेंसी राइफल तानते हुए उस पर जमीन से संबंधित एक आपराधिक मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। साथ ही 12.50 लाख रुपये की रंगदारी की भी मांग की गई।पीड़ित विंध्यवेंद्र मिश्रा उर्फ सत्यम ने 8 सितंबर को नगर कोतवाली में इस संबंध में तहरीर दी थी जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस तभी से मामले की जांच कर रही थी और फरार चल रहे आरोपी की तलाश में थी। मिश्रौलिया चौकी प्रभारी अंकित सिंह और उनकी टीम ने आज विजय किशोर सिंह को गिरफ्तार किया।
मेडिकल परीक्षण के बाद उसे गोंडा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, विजय किशोर सिंह पर पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर गाड़ी और लाइसेंसी राइफल अभी तक बरामद नहीं हुई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और जल्द ही अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
पीड़ित सत्यम मिश्रा ने बताया कि मैं काफी लंबी लड़ाई लड़ी इस लड़ाई के दौरान कई सफेदपोशों ने आरोपी का साथ दिया लेकिन फिर भी मुझे न्याय पर भरोसा था। आज मुझे लगभग 8 महीने बाद इंसाफ मिला है मैंने एक और मुकदमा इनके खिलाफ लिखाया हुआ है एक जमीन को लेकर के उसकी भी जांच चल रही है।
पीड़ित सत्यम मिश्रा ने बताया कि मैं काफी लंबी लड़ाई लड़ी इस लड़ाई के दौरान कई सफेदपोशों ने आरोपी का साथ दिया लेकिन फिर भी मुझे न्याय पर भरोसा था। आज मुझे लगभग 8 महीने बाद इंसाफ मिला है मैंने एक और मुकदमा इनके खिलाफ लिखाया हुआ है एक जमीन को लेकर के उसकी भी जांच चल रही है।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
