प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया। मनियर के पुरानी पानी टंकी के समीप क्रिएटिव किड्स प्ले स्कूल में रविवार को PTM का आयोजन हुआ, जो अभिभावकों के लिए खुशी का पल लेकर आया। बच्चे अपने माता-पिता के साथ विद्यालय पहुंचे और अपना रिजल्ट हासिल किया। यह आयोजन नन्हे-मुन्नों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाला साबित हुआ, जहां हर चेहरा मुस्कुराहट से दमक रहा था। स्कूल मैनेजमेंट के नीरज मिश्रा ने कहा, "हमारा विद्यालय बच्चों की गुणवत्ता निखारने में सौ प्रतिशत योगदान देने का संकल्प लिया है। एक साल में ही हमने बेहतरीन रिजल्ट दिए हैं, आगे भी यही जज्बा बरकरार रहेगा।" उनकी बात सुनकर लगता है कि 'अभी से जो रोपेंगे वही कल को फल पाएंगे'। निदेशक सुषमा ने सभी अभिभावकों और बच्चों को शुभकामनाएं दीं तथा कहा, "खेल-खेल में ही हम बच्चों को सीखाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। बच्चे प्रतिदिन नई-नई एक्टिविटीज करते हैं, ये ही हमारे विद्यालय की असली पूंजी हैं।" यह दृष्टिकोण बच्चों को 'पंख लगाने' जैसा है, जहां शिक्षा बोझ नहीं, बल्कि आनंद का स्रोत बन जाती है। अभिभावकों ने भी अपनी संतुष्टि जाहिर की। एक ने कहा, "हमारे बच्चे शिक्षा से पूरी तरह खुश हैं। विद्यालय आने के बाद उनमें निखार आ गया है। अब वे खुद तैयार हो जाते हैं और हमें भी तैयार होने को कहते हैं। बच्चे स्वयं स्कूल जाने को बेताब रहते हैं, यह यहीं का जादू है।" यह सुनकर साफ झलकता है कि 'जैसे चले मन, वैसा ही बने और बनाये तब शिक्षा बोझ नहीं बल्कि आनंद बन जाएगा। अभिभावक डॉ. जगदीश प्रसाद अखंड, योगेंद्र सिंह, विनय कुमार सिंह उर्फ मीटर, श्रीभगवान सिंह ,बबलू सिंह, महेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। यह PTM न केवल रिजल्ट वितरण का अवसर था, बल्कि परिवार-स्कूल के बीच मजबूत रिश्ते का प्रतीक बना। ऐसे प्रयास से मनियर जैसे छोटे कस्बे में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा। बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए 'शिक्षा ही सर्वोत्तम धन है'—यह लोकोक्ति यहां साकार हो रही है। अभिभावक और शिक्षक मिलकर नन्हे फूलों को खिलाएं, तो देश का कल खिलेगा।
