माननीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में 05 दिवसीय विराट किसान मेले के द्वितीय दिवस का हुआ आयोजन
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस का मा0 कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी एवं मा0 जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह जी के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया शुभारम्भ
माननीय मंत्री जी ने मेले में लगे 40 से अधिक स्टालो का किया अवलोकन
माननीय मंत्री जी द्वारा 10 कृषकों को मिनीकिट बीज वितरण, 10 कृषकों को कृषि रक्षा रसायन एवं 10 कृषकों को कस्टम हायरिंग का प्रमाण पत्र वितरित किया गया
माननीय मंत्री जी ने कृषकों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु किया निर्देशित
आज दिनांक 06.02.2026 को मा0 कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी उ0 प्र0 सरकार की अध्यक्षता में 5 दिवसीय विराट किसान मेला, माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-3 में स्थित गंगा पंडाल, प्रयागराज में आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के अन्तर्गत खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन, सोलर पम्प, ड्रोन एवं विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया, डेयरी विभाग, उद्यान विभाग एवं विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा 40 से अधिक मेले में स्टाल लगाये गये जिसका मा0 मुख्य अतिथियो द्वारा अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस मुख्य अतिथि मा0 कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही जी एवं मा0 जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह जी के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज एवं उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा पुष्प गुच्छ देकर मा0 मंत्री जी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक (ब्यूरों) लखनऊ, उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) प्रयागराज मण्डल-प्रयागराज, प्रसार निदेशक, शुआट्स, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण/कल्चर) क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रयागराज, प्रक्षेत्र प्रबन्ध अधिकारी एवं कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालय शुआट्स नैनी, कुलभाष्कर आश्रम महाविद्यालय एवं वैज्ञानिक-कृषि विज्ञान केन्द्र, कौशाम्बी समेत कृषि विभाग के अन्य अधिकारी/कर्मचारी, तथा जनपद के लगभग 1500 कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीती त्रिपाठी द्वारा किया गया।
मा0 कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कृषकों द्वारा उठायी गयी समस्याएं सुनीं एवं शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। कृषक श्री राजेन्द्र कुमार पटेल, तहसील-बिन्दकी, जनपद फतेहपुर द्वारा अपने निजी नलकूप से क्षेत्र के कृषकों की निःशुल्क सिंचाई करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। माननीय मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि सरकार द्वारा कृषकों के सभी निजी नलकूपों के बिल माफ कर दिये गए हैं। वर्तमान में सिंचाई वाले नलकूपों से बिल नहीं लिया जाता है। कृषि विभाग के समस्त निवेशों यथा-खाद, बीज एवं कृषि रक्षा रसायनो के वितरण पर सरकार द्वारा पी0ओ0एस0 मशीन के माध्यम से अनुदान दिया जाता है। कृषक सुशील कुमार के द्वारा माननीय मंत्री जी से मृदा स्वास्थ्य की जांच हेतु प्रदत्त सुविधाओं की जानकारी चाही गयी जिस पर माननीय मंत्री जी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में विकास खण्ड, तहसील एवं जनपद स्तर पर प्रयोगशालाएं स्थापित हैं जिन पर निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य की जांच की जाती है एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाता है। पी0एम0 किसान का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री करवाना सभी कृषकों के लिए अनिवार्य है जिससें समस्त योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। मा0 मंत्री जी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत-2047 तक के लक्ष्य को दोहराते हुए कृषि में आत्मनिर्भरता हेतु किसानों को प्रेरित किया। जनपद में कार्यरत कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं कृषक उत्पादक संगठनों को निर्देशित किया कि जनपद में बीज उत्पादन का कार्य करें जिससे कृषकों को उचित दर पर अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराया जा सके। इस कार्य में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, कृषक उत्पादन संगठन को सहयोग करेगें। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी निःशुल्क बीज मिनीकिट का वितरण सरकार द्वारा कराया जा रहा है। अन्त में माननीय मंत्री जी द्वारा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने वाले कृषक लाभार्थियों को सम्मानित किया एवं 10 कृषकों को मिनीकिट बीज वितरण, 10 कृषकों को कृषि रक्षा रसायन एवं 10 कृषकों को कस्टम हायरिंग का प्रमाण पत्र वितरित किया।
मा0 जल शक्ति मंत्री, श्री स्वतंत्र देव सिंह जी द्वारा कृषकों को सम्बोधित करते हुए बताया मा0 कृषि मंत्री, श्री शाही जी एवं हमारी सरकार कृषक भाईयों की आय बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है तथा कृषकों को सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिये नहरों के टेलों तक पानी पहुॅंचाने का कार्य किया जाता है। जहॉं नहरों की सुविधा नहीं वहॉं नलकूपों के माध्यम से सिंचित क्षेत्र में उपलब्ध करायी जा रही है। बुन्देखण्ड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने पर सूखे क्षेत्रों में भी फसलीकरण सम्भव हो पा रहा है जहॉं वर्तमान मौसम में लाई और सरसों की फसल खेतों में लहलहा रही है।
मुख्य विकास अधिकारी महोदया, प्रयागराज द्वारा कृषकों से अधिकाधिक संख्या में फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु आह्वान किया गया जिससे फार्मर रजिस्ट्री के शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके और कृषक भाई योजनाओं का यथा सम्भव अधिक से किसान लाभ प्राप्त कर सके। जनपद में दो कृषि जलवायु क्षेत्र हैं-गंगापार एवं यमुनापार जिनकी अलग-अलग उत्पादन क्षमता है। अतः कृषक भाई मिट्टी एवं जलवायु के हिसाब से फसल का चयन करते हुए फसलोत्पादन में वृद्धि प्राप्त कर सकेंगे। जनपद के विभिन्न एफ0पी0ओ0 के द्वारा बताया गया कि बीज उत्पादन एवं अन्य उत्पाद के माध्यम से कृषक बन्धु अपनी आय में वृद्धि कर सकते है।
संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज द्वारा किसान मेले में कृषि विभाग एवं सहयोगी विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों के माध्यम से एवं विभाग में संचालित योजनाओं के बारे में वैज्ञानिकों एवं विभागाीय अधिकारियों को उन्नत तकनीकों के बारे में कृषकों को जागरुक करते हुए लाभ प्रदान करने हेतु अवगत कराया गया तथा प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती के माध्यम से अपनी लागत को कम करके आय दोगुना कर सकते हैं।
डा0 मनीष सिंह, कृषि वैज्ञानिक कृल भाष्कर डिग्री कालेज द्वारा चर्चा करते हुए कहा कि श्री अन्न के उत्पादन से न सिर्फ कृषकों की आय में वृद्धि होगी अपितु कृषकों के खान-पान एवं मिट्टी के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा जिससे हम स्वस्थ रहेंगे, हमारी मृदा स्वस्थ होगी तथा हमारा वातावरण भी स्वस्थ्य होगा। सतत् कृषि को प्राप्त करने का जीवन्त साधन कम लागत में मिलेट्स की खेती करना है जिसमें संसाधनों की कम आवश्यकता पड़ती है।
डा0 मनोज कुमार सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र, कौशाम्बी द्वारा बताया गया कि कृषक अपनी खेती में संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें जिससे मृदा का स्वास्थ्य बरकरार रहता है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जीवामृत और बीजामृत का अधिक से अधिक किसान भाई प्रयोग करें। गौ पालन, बकरी पालन, भेड़ पालन, मधुमक्खी पालन एवं कुक्कुट पालन को अपनाकर हम प्राकृतिक खेती को बढ़ा सकते है जिससे उत्पादन में वृद्धि के लिए सरकार की द्वारा प्राथमिकता प्रदान दी जाने वाली योजनाओं की पूर्ति कर पायेंगे।
उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा कृषि विभाग से संचालित योजना जैसे फार्मर रजिस्ट्री एवं पी0एम0 किसान, सोलर पम्प, कृषि यंत्रों पर दिये जाने वाले अनुदान इत्यादि सुविधाओं के बारे मंे विस्तृत जानकारी दी गयी। किसान भाइयों को अवगत कराया कि विभागीय अनुदान/छूट का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सरकार द्वारा किसानों के लिये खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन तथा कृषि यन्त्रों पर भारी छूट देय है। गोष्ठी, मेला आदि के माघ्यम से जानकारी देने का संकल्प हमारी सरकार ने लिया है जो किसानों के लिये उपयोगी साबित हो रही है।
प्राकृतिक खेती योजनान्तर्गत चयनित कृषि सखी श्रीमती अनीता राजपूत ने बताया कि उन्हें कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया, जिसको योजनान्तर्गत कृषकों में प्रचार प्रसार कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायन मुक्त खेती करने से मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त रखने में सहायक होगा। श्री सुधीर मौर्य ग्राम-हथिगहॉं विकासखण्ड-कौड़िहार तहसील सोरावं प्रयागराज द्वारा हाईटेक नर्सरी के जिसका एम0ओ0यू मैक्सिकों कंपनी के साथ हुआ है जिनका प्रदर्शन मेले मे किया गया।
अंत में मा0 कृषि मंत्री जी द्वारा जनपद प्रयागराज के अधिकारियों एवं कर्मचारियो के साथ समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियो को जनपद में सभी योजनाओं की प्रगति बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया।
संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज द्वारा मा0 मंत्री जी की अनुमति से कृषकों, अधिकारियों, मीडिया बंधुओ को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी।

