गोंडा: कटरा बाजार में मौत का अड्डा बना अवैध क्लीनिक: प्रसव के बाद नवजात की मौत, दूसरा जिंदगी–मौत से जूझ रहा, जिम्मेदार मौन
Type Here to Get Search Results !

Advertisement

Acrc institute Acrc instituteAcrc institute

Recent Tube

गोंडा: कटरा बाजार में मौत का अड्डा बना अवैध क्लीनिक: प्रसव के बाद नवजात की मौत, दूसरा जिंदगी–मौत से जूझ रहा, जिम्मेदार मौन



गोंडा। जिले के कटरा बाजार में स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। घर के अंदर अवैध रूप से संचालित एक तथाकथित क्लीनिक में प्रसव के बाद नवजात की मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। सवाल सिर्फ एक बच्चे की मौत का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है जो ऐसी मौतों को खुली छूट देता आ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सिसई जोगा निवासिनी महिला नीलू पत्नी पिंटू को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे 30 जनवरी को दुबहा रोड स्थित बिना नाम के क्लीनिक में ले गए, जिसे स्थानीय लोग “डॉक्टर राय” के नाम से जानते हैं। यह क्लीनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार से महज करीब एक किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रहा था—लेकिन जिम्मेदार आंखें बंद किए बैठे रहे।


बोरे पर कराई गई डिलीवरी, एक नवजात की मौत


सूत्रों व परिजनों के मुताबिक बिना किसी चिकित्सीय मानक, उपकरण और आपात सुविधा के महिला की डिलीवरी कराई गई। हालत यह थी कि बोरे पर प्रसव कराया गया। महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, जिनमें एक नवजात लड़के की हालत बेहद गंभीर हो गई। उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी-नवजात लड़के की मौत हो गई। वहीं, नवजात बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे गोंडा में भर्ती कराया गया है।


शिकायत पर छापा, लेकिन आरोपी फरार


घटना से आक्रोशित परिजनों ने सीएचसी अधीक्षक से शिकायत की। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक पर छापा मारा, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ पहले ही फरार हो चुके थे। यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या कार्रवाई की भनक पहले ही दे दी गई थी?


कटरा बाजार बना अवैध क्लीनिकों का गढ़


स्थानीय लोगों का आरोप है कि कटरा बाजार क्षेत्र में दर्जनों ऐसे निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालित हैं, जो न तो पंजीकृत हैं और न ही उनके पास कोई मानक सुविधा है। यह सब स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में होने के बावजूद वर्षों से चल रहा है। बताया जाता है कि तथाकथित डॉक्टर राय की पत्नी पूर्व में महिला अस्पताल में कार्यरत थीं और रिटायरमेंट के बाद बिना किसी वैध अनुमति के अपने निजी आवास पर डिलीवरी कराने लगीं।

बयान में भी गोलमाल-


इस मामले में जब चिकित्सा अधीक्षिका से फोन पर बात की गई तो उन्होंने घटना स्थल को दुबहा बाजार बताया, जबकि वास्तविकता में मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मात्र 1 किलोमीटर दूर सिसई जोगा का बताया जाता है। जब दोबारा सच्चाई जानने के लिए संपर्क किया गया तो फोन रिसीव नहीं किया गया। 

सूत्रों का यह भी कहना है कि अधीक्षिका शिकायत के बाद मौके पर गई थीं, लेकिन सच्चाई को छुपाने की कोशिश क्यों की गई, यह बड़ा सवाल है।


सबसे बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?

अवैध क्लीनिक वर्षों से कैसे चल रहा था?

बिना पंजीकरण प्रसव कराने की इजाजत किसने दी?

छापे से पहले आरोपी कैसे फरार हुए?

एक नवजात की मौत का जवाब कौन देगा?


आज एक मासूम की मौत हुई है, कल कोई और होगा — अगर जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।


पीड़ित परिजनों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई है।

यह सिर्फ एक खबर नहीं, सिस्टम पर लगा खून का धब्बा है।


गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies