गोंडा। कर्नलगंज में तैनात तेजतर्रार एसडीएम नेहा मिश्रा की सख्ती भी नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों पर असर करती नजर नहीं आ रही है। हालात यह हैं कि भ्रष्टाचार, मनमानी और लापरवाही खुलेआम चरम पर है, जबकि उच्चाधिकारियों के आदेशों को नजरअंदाज कर मनगढ़ंत, फर्जी और भ्रामक रिपोर्टें तैयार कर अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है।
मामला नगर के मोहल्ला बजरंग नगर, मेंहदी हाता का है, जहां मानक व गुणवत्ता विहीन आरसीसी सड़क निर्माण कराए जाने तथा सरकारी खड़ंजे की हजारों ईंटों की चोरी कर गबन किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा प्रकरण उजागर होने के बावजूद अब तक न तो मौके की निष्पक्ष जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई की गई। लोगों का आरोप है कि पूरे मामले में कागजों में खानापूर्ति कर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
ठेकेदार–अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे खेल में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार शिवराम मौर्य उर्फ ननकू की मिलीभगत बताई जा रही है। आरोप है कि सरकारी ईंटों की चोरी कर हजम करने वाले दबंग राजेश और वीरेंद्र मौर्य, ठेकेदार के सगे रिश्तेदार हैं, जिसके चलते कार्रवाई से बचाया जा रहा है।
कार्रवाई शून्य, सवालों के घेरे में प्रशासन
दो अत्यंत गंभीर मामलों घटिया सड़क निर्माण और सरकारी ईंटों की चोरी में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच होती तो सच्चाई सामने आ जाती, लेकिन अब तक केवल फाइलों में खेल किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मौके की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई कराई जाए। फिलहाल इस पूरे प्रकरण में नगर पालिका या एसडीएम ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण

