सीधे प्रसारण के माध्यम से गंगोत्री के बच्चों ने पीएम मोदी संग की परीक्षा पर चर्चा,गंगोत्री की शिक्षकीय टीम ने बच्चों को दिए परीक्षा में सफलता के अनमोल टिप्स
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सीधे प्रसारण के माध्यम से गंगोत्री के बच्चों ने पीएम मोदी संग की परीक्षा पर चर्चा,गंगोत्री की शिक्षकीय टीम ने बच्चों को दिए परीक्षा में सफलता के अनमोल टिप्स



प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)

बलिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम के 9वें संस्करण के माध्यम से देशभर के छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों से बातचीत की। करीब पौने दो घंटे तक पीएम 'सर' की मेगा क्लास में बच्चों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन से लेकर बेहतर नागरिक बनने के भी गुर मिले। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक परचम लहराने वाले सिकंदरपुर स्थित "गंगोत्री देवी इंटर कॉलेज" में शुक्रवार को हजारों छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के सेन्ट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संबोधित 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम को सीधे प्रसारण के माध्यम से देखा व सुना। इस दौरान बच्चों का उत्साह भी चरम पर रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के समापन के उपरांत विद्यालय परिसर में भी विद्यालय के प्रबंधक डॉ नरेंद्र प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित छात्र-छात्राओं ने परीक्षा से संबंधित अपनी आशंकाओं को शिक्षकों के साथ विस्तृत रूप से साझा किया। वहीं विद्यालय प्रबंधन द्वारा नियुक्त पाँच सदस्यों की शिक्षकीय टीम में त्रिलोकी नाथ पाण्डेय, अब्दुल्लाह सर, मदन मोहन गुप्ता, रामनिवास यादव व हिमांशु नारायण गुप्ता ने बेहद सरल और मजेदार अंदाज में बच्चों के हर एक सवाल का जबाव दिया। कैसे बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जाए, टाइम मैनेजमेंट कैसे हो, मोबाइल के दुष्प्रभाव से कैसे बचा जाए? इन सभी सवालों का जवाब शिक्षकीय टीम के शिक्षकों ने दिया। एक एक कर सभी छात्र छात्राओं के मन में बैठे विभिन्न प्रकार के आशंकाओं को दूर करतें हुए उन्हें परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने हेतु मार्गदर्शन दिया तथा सफलता के गुरुमंत्र सिखाए। 

आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक डॉ नरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने शिक्षकों को टिप्स देते हुए कहा कि बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है। परीक्षा के तनाव को विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे परिवार और टीचर को मिलकर पता करना चाहिए। अगर जीवन में चुनौती और स्पर्धा ना हो, तो जीवन प्रेरणाहीन और चेतनाहीन बन जाएगा। इसलिए कॉम्पटिशन तो होना ही चाहिए, लेकिन हेल्दी कॉम्पटिशन होना चाहिए। वहीं प्रधानाचार्य राजेश गुप्ता ने बच्चों को टिप्स देते हुए कहा कि आजकल लोगों की लिखने की आदत कम हो गई है। हम आईपैड, मोबाइल, सोशल मीडिया वगैरह पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। लेकिन जितना लिखेंगे उतनी ही अच्छी तैयारी होगी और कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा। इसलिए आप दिन में जितनी देर पढ़ते हैं उसका कम से कम आधा वक्त नोट्स बनाने में लगाएं। इससे आपको आइडिया लग जाएगा कि परीक्षा में कितनी देर में क्या उत्तर लिखना है। अगर आपको तैरना आ जाएगा तो पानी में उतरने में डर नहीं लगेगा, ठीक वैसे ही जब आप लिखने की प्रैक्टिस करेंगे तो आपको टाइम मैनेजमेंट आ जाएगा और जाहिर तौर पर परीक्षा परिणाम में इसका असर दिखेगा। इस दौरान विद्यालय परिवार सहित हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहें। कार्यक्रम का संचालन अरविंद वर्मा ने किया।

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