परसपुर (गोंडा)। उप डाकघर परसपुर अंतर्गत शाखा डेहरास के पोस्टमास्टर शशांक शेखर त्रिपाठी 15 जनवरी 2026 दिन गुरुवार को अपनी दीर्घकालिक सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर परसपुर उप डाकघर परिसर में गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहां विभागीय कर्मचारियों द्वारा उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत उप डाकपाल जयशंकर प्रसाद द्वारा सेवानिवृत्त शशांक शेखर त्रिपाठी को फूल-माला पहनाकर, अंगवस्त्र एवं धार्मिक पुस्तकें भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुई। श्री त्रिपाठी ने जून 1985 में डाक विभाग में अपने सेवा जीवन की शुरुआत की थी और लगभग 41 वर्षों के लंबे सेवाकाल में उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी एवं अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
सहकर्मियों ने कहा कि अपने सरल, सौम्य एवं सहयोगी स्वभाव के कारण वे कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारियों के बीच भी सदैव सम्मानित रहे। विदाई समारोह के दौरान उपस्थित सहकर्मियों ने कहा कि शशांक शेखर त्रिपाठी ने अपने संपूर्ण सेवाकाल में प्रत्येक परिस्थिति में निस्वार्थ सेवा-भाव से दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। बीते हुए पलों को स्मरण करते हुए उन्होंने विभागीय सहयोग, सहकर्मियों के स्नेह एवं जनसेवा से जुड़े अनुभव साझा किए और कहा कि ईमानदारी, धैर्य व समर्पण के साथ कार्य करना उनकी कार्यशैली की पहचान रही। इस अवसर पर वे भावुक भी हो उठे और कहा कि विभागीय मर्यादाओं का पालन करते हुए आमजन की सेवा करना ही उनके जीवन का उद्देश्य रहा तथा ड्यूटी के दौरान विभागीय कार्यों को सदैव प्राथमिकता दी। उनकी कार्यशैली और व्यवहार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। कार्यक्रम के अंत में मिष्ठान वितरण किया गया। स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उपस्थित कर्मचारियों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर राजेश सिंह, शिवमूर्ति सिंह, सुरेश सिंह, दीपांशु सिंह, मुरलीधर मिश्रा, संजय सिंह, राघवेंद्र पांडेय, अनिल मिश्रा, योगेश प्रताप सिंह, विकास मिश्रा, विशाल जायसवाल, कुलदीप, अभिषेक मिश्रा, पवन कुमार दूबे, कृष्ण कुमार मिश्रा, सूरज सिंह, अंकित ठाकुर, पीयूष त्रिपाठी, प्रफुल्ल त्रिपाठी, विपिन मिश्रा , राधा सिंह, लक्ष्मी मौर्या, रिंकू कुमारी सहित उप डाकघर परसपुर के अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

