मण्डलायुक्त/निदेशक, इलाहाबाद संग्रहालय द्वारा विरासत यात्रा का हरी झंडी दिखाकर किया गया शुभारम्भ
*विरासत यात्रा का मूल उद्देश्य प्रयागराज की कला, संस्कृति, प्राचीनता व आधुनिकता को देखने, समझने की नवीन दृष्टि प्रतिभागियों व जन सामान्य में विकसित करना*
प्रयागराज 31 दिसम्बर
इलाहाबाद संग्रहालय एवं धारा और धरोहर, प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में पहली विरासत यात्रा का शुभारम्भ बुधवार को मण्डलायुक्त/निदेशक, इलाहाबाद संग्रहालय श्रीमती सौम्या अग्रवाल द्वारा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया गया। आज की पहली विरासत यात्रा संग्रहालय की दो वीथियों के साथ पब्लिक लाइब्रेरी, विजयनगरम हाल, इ. वि. वि. और कला संकाय, इ. वि. वि पर केन्द्रित रहा।
आरम्भ में संग्रहालय की तरफ से डॉ संजू मिश्रा ने निदेशक इलाहाबाद संग्रहालय का और आउटरिच प्रभारी डॉ वामन ए. वानखेड़े ने विशिष्ट अतिथि ग्रुप कैप्टन सुश्री शैलजा शर्मा को पुष्प देकर औपचारिक स्वागत किया। विरासत यात्रा के आयोजन पर बोलते हुए मण्डलायुक्त/निदेशक संग्रहालय सौम्या अग्रवाल ने कहा कि प्रयागराज आदिकाल से भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधि शहर रहा है, जो अपने में कला, संस्कृति, प्राचीनता व आधुनिकता का अनुपम समन्वय रखता है। इस शहर को देखने, समझने की नवीन दृष्टि प्रतिभागियों व जन सामान्य में विकसित हो ये इस विरासत यात्रा का मूल उद्देश्य है।
इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ व गणमान्य नागरिकों में डॉ कावेरी विज, ईशान चट्टोपाध्य, मिताली चट्टोपाध्याय सहित धारा और धरोहर के संयोजक वैभव मैनी व आदर्श मालवीय सहित संग्रहालय के सभी अधिकारी कर्मचारी तथा वालेन्टियर गाईड उपस्थित रहे।
