प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने वार्ता के दौरान कहा कि हमारा संगठन जल्द ही मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र लिखकर जिलाधिकारी बलिया को पत्रक देगा,उप नाम में सिंह लगाने पर न मिले आरक्षण सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किया जाए कि केवल राजपूत समुदाय के लोग ही उपनाम के रूप में सिंह का उपयोग करेंगे। यदि अन्य जातियां सिंह का उपयोग करेंगी तो पिछड़े वर्ग अन्य किसी भी प्रकार के जातिगत आरक्षण का कोई लाभ नहीं दिया जायेगा। अभी भाजपा नेता मुन्ना बहादुर सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता उपेंद्र पांडे जो जनहित के मुद्दे को लेकर अधिक्षण अभियंता बिजली विभाग के कार्यालय गए बिजली से संबंधित समस्याओं को लेकर बातचीत करते-करते अधिक्षण अभियंता लाल सिंह से कुछ विवाद हो गया। जिससे आपस में हार्ड टाक हो गया। इस पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया और अधीक्षण अभियंता के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं। जो अनुसूचित जाति का होकर क्षत्रिय समाज को मनमानी कार्य करके बदनाम कर रहा है उसके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं। हमारा संगठन ऐसे गलत काम का विरोध करता है जब संविधान में जातिगत व्यवस्था बनाया गया है उसके अनुसार लोगों को को नौकरियों में आरक्षण पदोन्नति में आरक्षण दिया जा रहा है। फिर भी सिंह का सर नेम लगा कर लोग क्षत्रिय समाज को लोग बदनाम क्यों कर रहे हैं। ज्यादातर अधिकारी/कर्मचारी सिंह का टाइटल लगाकर,क्षत्रियों को समाज में भ्रामक प्रचार व बदनाम किया जा रहा है। क्षत्रियों की तैनाती सबसे ज्यादा है। लेकिन देखा जाए तो सबसे ज्यादा वहीं लोग हैं जो दुसरे जाती के है और सिंह टाइटल लगाते हैं। जैसे बलिया का अधिक्षण अभियंता जिसे सब लोग सिंह क्षत्रिय समझते थे। जब मुन्ना बहादुर सिंह से विवाद हुआ तो अनुसूचित जाति का हो गये, हरिजन एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया,हमारा संगठन सरकार से यह मांग करता है कि जो जिस जाति का है वहीं टाइटल लगायें जिससे किसी को भ्रम पैदा न हो और उसके द्वारा किए गए गलत कार्य को क्षत्रिय समाज के अधिकारी कर्मचारी के नाम से न जोड़ा जाये। हम प्रशासन से मांग करते है कि क्षत्रियों का नाम बदनाम करने वाले अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग के ऊपर न्यायोचित कार्रवाई करें भाजपा के जिले के शीर्ष नेतृत्व इस मामले को संज्ञान मे ले, नहीं तो अधिकारियों के मनमानी तरीके से काम करने के लिए भाजपा को इसका जिम्मेदार माना जाएगा और चुनाव में इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा ।
