कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मुविवि की अग्रणी भूमिका- प्रोफेसर सत्यकाम
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कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मुविवि की अग्रणी भूमिका- प्रोफेसर सत्यकाम

 


कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मुविवि की अग्रणी भूमिका- प्रोफेसर सत्यकाम 


प्रकाशनार्थ 9/6/2025

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश की जनता को कौशल युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद एनसीवीईटी के सहयोग से कौशल विकास के कार्यक्रम चलाने के लिए प्रयासरत है। कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मुविवि की अग्रणी भूमिका रहेगी।

कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया, नई दिल्ली (सेमका) तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में रोजगारोन्मुख कार्यक्रम विकसित करने के संदर्भ में मुक्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के त्रिदिवसीय सम्मेलन से वापस आने के बाद कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद से अनुमति प्राप्त करने के उपरांत देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश की जनता को कौशल युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए कौशल विकास के कार्यक्रम चलाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा और कौशल विकास के अवॉर्डिंग और एसेसिंग निकाय के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि त्रिदिवसीय सम्मेलन में रोजगारोन्मुख कार्यक्रम विकसित करने और विद्यार्थियों को रोजगार मिलने में किस तरह से मदद की जा सके, इस संदर्भ में मुक्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के मध्य व्यापक विचार विमर्श हुआ तथा कार्यशालाएं भी आयोजित की गयीं। इसमें भारत के सभी मुक्त विश्वविद्यालयों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें विशेषज्ञों ने रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम विकसित करने के संबंध में वार्ता की और इसके उपाय सुझाए। इस सम्मेलन सह कार्यशाला में उद्योग जगत से भी कनफेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने उद्बोधन किया। सम्मेलन में उच्चशिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समीक्षा की गई और इसके सकारात्मक तथा नकारात्मक पहलुओं पर विस्तार से विमर्श किया गया। इस कार्यशाला में एनसीवीईटी से पंजीकरण कराने की भी चर्चा हुई ताकि प्रत्येक मुक्त विश्वविद्यालय कौशल पाठ्यक्रम हेतु उत्कृष्टता को बढ़ावा, नवाचार को प्रोत्साहित तथा समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित कर सके। उन्होंने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा और कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्टता की पहचान और मूल्यांकन के साथ ही उनकी गुणवत्ता का आंकलन करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय कौशल विकास के क्षेत्र में सुधार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


डॉ प्रभात चंद्र मिश्र 

जनसंपर्क अधिकारी

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