महिलाएं अपनी आतंरिक शक्तियों को जगाएं........!
परसपुर गोण्ड:-
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रजापिता
ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय परसपुर सेवा केन्द्र पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री श्रीमती नेहा सिंह जी- जिला पंचायत सदस्या
एवं
राष्ट्र की सेवा कर रहे फौजी धर्मैन्द्र कुमार सिंह कमांडो साहब पहुंचे , जहां सेवा केन्द्र की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्मा कुमारी अनामिका दीदी जी ने मुख्यातिथि का तिलक लगा कर
माल्यार्पण कर , पगड़ी पहना कर अंगवस्त्र से सुशोभित करते हुए स्वागत -सम्मान किया।
ब्रह्मा कुमार जे पी भाई साहब ने मंच का संचालन किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही ब्रह्मा कुमारी अनामिका बहिन ने महिला दिवस और होली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिलाएं अपने दम पर पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं , महिलाएं पुरुषों के पीछे-पीछे इसलिए चलतीं है कि यदि जीवन में कभी पुरुष अपने लक्ष्य और उद्देश्य से लड़खड़ाने लगे तो उसे गिरने से बचाकर सम्भाल लेना है
ना की नारी पच्छलग्गू है , लोगों के समझ का फेर है
लोगों को नारी के प्रति सम्मान का दृष्टि कोण अपनाना होगा ,नारी नहीं तो समाज नहीं , नारी को हमेशा पूज्यनीय रूप से देखा जाना चाहिए , भारत में नारी को बहुत ही ऊंची दृष्टि से देखा और माना जाता रहा है ,सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए दीदी जी ने कहा कि महिलाएं अपने आपको दीन हीन समझ कर कमजोर मानने की गलती ना करें , आज जो भी पुरुष अपने अपने क्षेत्र में कामयाबी का परचम लहरा रहे हैं
वह एक मां की ही देन हैं ,इस बात का अहसान वह मानें या ना माने पर यह हकीकत है ।
भाजपा नेत्री श्रीमती नेहा सिंह जिला पंचायत सदस्या जी ने उपस्थित माताओं बहनों को अपने ओजस्वी वाणी से सम्बोधित करते हुए कहा कि नारी किसी भी युग में कमतर नहीं रहीं , सतयुग से लेकर आज के इस घोर कलयुग में भी नारी हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर रही है , अंतरिक्ष यात्री बहन कल्पना चावला जी से लेकर अनेकानेक महिलाओं ने अपने अपने कर्म क्षेत्र पर ईमान दारी वा निष्ठा पूर्ण सेवाएं देकर देश तथा समाज का नाम रोशन किया है, अनेकों इतिहास रचा है।
आगे कहा कि सदा सकारात्मक सोंच विकसित करें , कभी भी अपने जीवन में टेंशन को फटकने ना दें,सदा यही ख्याल रखें कि
,हर मुस्किल का हल होगा" आज नहीं तो कल होगा।
नारी कभी भी अबला नहीं रही , बस कुछ दशक पहले नारी खुद को अबला समझ बैठीं थीं
लेकिन , धीरे - धीरे महिलाओं में अपने अस्तित्व का बोध हुआ तो वह अबला के बजाय सबला हो चुकीं हैं , महिलाओं ने ठान ,ठान लिया है की
महिलाएं खुशहाल तो परिवार खुशहाल.......,
के थीम पर चलकर ही सुखमय जीवन जिया जा सकता है।
श्रीमती नेहा सिंह जी उपस्थित भाई बहिनों वा माताओं को सुझाव दिया कि राजयोगी (मेडिटेशन) के अभ्यास से सदा टेंशन मुक्त रहो ,जीवन में जो है सो प्रयाप्त है
के समझदारी
से आपसी वर्चस्व से बचें।
विशिष्ट अतिथि बाबू धर्मैन्द्र कुमार सिंह जी ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि
जग को जीवन देने वाली मौत भी तुझसे हारी है; कोमल है तू कमजोर नहीं
शक्ति का नाम ही नारी है,
यानी नारी जाति से ज्यादा सहन शीलता और घटनाओं को समाने की शक्ति किसी में
है ही नहीं , नारी तू है नारायणी।
कमांडो ने, आगे वंदे मातरम्
शब्द का मार्मिक चित्रण करते हुए बताया कि नारी शक्ति ने सामाजिक परिवर्तन लाने का एक महान कार्य किया है , जिसके यादगार स्वरूप भारत में आज भी
भारत की माताओं का जय जय कार होता है।
अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सोनी जी ने सभी माताओं एवं बहिनों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तथा पावन पर्व होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नारी
समाज को एक सूत्र में बांधने की धूरी है , टूटते परिवार को बचाने के लिए अपने जिंदगी को दांव पर लगा देती हैं , परिवार के सदस्यों को भोजन स्वीकार कराने के बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण किया करतीं थीं नारी की महिमा का बखान करने के लिए शब्दों की कमी पड़ जायेगी , भारत देश ऐसा देश है जहां हमेशा नारी को सम्मान देने की बात कही गई है ,की गई है।
वरिष्ठ समाजसेवी श्याम सुन्दर पाण्डेय जी ,प्रताप नारायण मिश्र जी, पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार मिश्र जी, सभासद जगदीश सोनी जी, मास्टर रामेंद्र नारायण सिंह ब्रह्माकुमार सुनील भाई आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
उक्त अवसर पर , उमा मिश्रा , शंकुतला माता,रमा माता पूनम चतुर्वेदी ,रेनू सिंह, अर्चना सिंह , पिंकी सिंह , बबिता सिंह , सुषमा यज्ञसैनी,मन्ना सोनी ,कोमल सोनी , सोना सिंह , मिथलेश सिंह, अमरावती सिंह , पुष्पा सिंह , दिव्या सिंह ,अधिशासी अभियंता दूर संचार विभाग आर पी मिश्रा जी, सभासद जगदीश सोनी जी ,कमला प्रसाद सिंह ,अनूप सिंह शेखर सिंह,राम निहाल सिंह ,सजींत सिंह , हर्षित सिंह ,विधा सिंह, आशा सिंह ,शीला सिंह , राधेश्याम मिश्रा जी, राधेश्याम मिश्रा जी , आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
