राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन-2024 के मतदातागणों के लिए जारी किया आवश्यक दिशा निर्देश।
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राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन-2024 के मतदातागणों के लिए जारी किया आवश्यक दिशा निर्देश।



 लखनऊः 26 फरवरी 2024

उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्यों द्वारा राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन- 2024 के लिए मतदान दिनांक 27 फरवरी, 2024 को प्रातः 09ः00 बजे से अपराह्न 04ः00 बजे तक तिलक हॉल, नवीन भवन, लखनऊ में होना है। बृज भूषण दुबे रिटर्निंग ऑफिसर एवं विशेष सचिव, विधान सभा ने यह जानकारी देते हुए मतदान में मतों को दर्ज करने हेतु मतदातागणों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है।

 बृज भूषण दुबे ने कहा है कि मतदान के प्रयोजन के लिये रिटर्निंग आफिसर द्वारा दिये गये बैंगनी स्कैच पेन का केवल प्रयोग करें, जो कि मतपत्र के साथ दिया जायेगा। किसी अन्य पेन, पेन्सिल, बॉल पाइन्ट पेन या किसी अन्य मार्किंग यंत्र का प्रयोग न करें, क्योंकि उससे मतपत्र अमान्य हो जायेगा। उम्मीदवार के नाम के सामने, जिसे अपनी पहली वरीयता देकर चुनना चाहते हैं, किये गये “वरीयता का क्रम“ चिन्हित स्तम्भ में “। “ अंक रखते हुये मत दें। यह “। “ अंक केवल एक उम्मीदवार के नाम के सामने रखा जायेगा। यद्यपि निर्वाचित उम्मीदवारों की संख्या एक से अधिक है, तो भी “। “अंक केवल एक उम्मीदवार के नाम के सामने रखा जायेगा। निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या पर विचार किये बिना जितने निर्वाचन लड़ने वाले उम्मीदवार है, उतनी वरीयता है। उदाहरणार्थ यदि पांच लड़ने वाले उम्मीदवार है, केवल दो का निर्वाचन होना है मतदातागण अपनी पसन्द के अनुसार अपनी वरीयता के क्रम में उम्मीदवारों के सामने 1 से 5 तक वरीयता चिन्हित कर सकते हैं। बाकी उम्मीदवारों के लिये अपनी वरीयता ऐसे उम्मीदवारों के नामों के सामने दिये गये “वरीयता के क्रम“ चिन्हित स्तम्भ में अपनी वरीयता के क्रम में अनुवर्ती अंक 2, 3, 4 आदि लिखकर दर्शायें।

यह सुनिश्चित करें कि मतदाता किसी उम्मीदवार के नाम के सामने एक अंक ही लिखें। यह भी सुनिश्चित करें कि वही अंक एक से अधिक उम्मीदवारों के नामों के सामने न लिखा जाये। वरीयता केवल अंक अर्थात् 1, 2, 3 आदि में दर्शायी जाये एक, दो, तीन आदि में न दर्शायी जाये। अंकों को भारतीय अंकों जैसे 1,2, 3 आदि या रोमन रूप में।, ॥ ॥ आदि का देवनागरी रूप 1, 2, 3 या संविधान के 8वीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त किसी भारतीय भाषा में प्रयुक्त रूप में चिन्हित किये जा सकते है। मत पत्र पर अपना नाम या कोई शब्द न लिखे या अपने हस्ताक्षर या आद्याक्षर न लिखे अपने अंगूठे की छाप भी न लगाये। इससे आपका मत-पत्र अमान्य हो जायेगा। अपनी वरीयता दर्शाने के लिये अपनी पसंद के उम्मीदवारों के सामने ““ या “Û“ जैसे चिन्ह लगाना काफी नहीं है। ऐसे मत-पत्र खारिज कर दिये जायेंगे। अपनी वरीयता जैसा ऊपर बताया गया है केवल “1“, “2“, “3“ आदि अंकों द्वारा दर्शायें। अपना मत-पत्र मान्य करने के लिये यह आवश्यक है कि एक उम्मीदवार के सामने “1“ अंक लिखते हुये अपनी पहली वरीयता दर्शायें। अन्य वरीयतायें वैकल्पिक हैं अर्थात दूसरी अनुवर्ती वरीयतायें आप दर्शायें या न दर्शायें।

श्री दुबे ने कहा है कि वह मतपत्र अमान्य होगा, जिस पर अंक “1“ चिन्हित नहीं किया गया है। एक से अधिक उम्मीदवारों के नाम के सामने “1“ अंक रखा गया है। अंक “1“ इस प्रकार रखा गया हो, जिससे यह भ्रम हो कि यह किस अभ्यर्थी को देने के इच्छुक है। एक ही उम्मीदवार के नाम के सामने अंक “1“ और कोई अन्य अंक 2, 3 आदि भी लगाये गये हों। वरीयतायें अंकों के स्थान पर अक्षरों में दर्शायी गयी हों और वहां कोई चिन्ह या कुछ लिखा हुआ हो जिसके द्वारा निर्वाचक की पहचान हो सके। उसमें बैंगनी स्केच पेन, जिसकी पूर्ति ऐसे आंकड़े चिन्हित कराने के प्रयोजन के लिये रिटर्निंग आफिसर द्वारा की गयी है, के अतिरिक्त अन्य किसी से चिन्हित किये गये कोई अंक।

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