गोण्डा। अवैध खनन के मामलों में जिलाधिकारी द्वारा सख्त कार्रवाई के आदेश भले ही मातहतों को दिए गए हैं किन्तु जमीनी हकीकत उसके विपरीत है। खनन रोकने वाले निगेहबान ही खनन के काले कारोबार को धार दे रहे हैं।
ताज़ा मामला क्षेत्र के मंहगूपुर गांव का है। गाँव के मजरे रामबली पुरवा निवासी एक व्यक्ति द्वारा खेत में लोडर मशीन से खनन करवाया जा रहा था। इस संबंध में जब हल्का लेखपाल दीपक से बात की गई तो उन्होंने 50 ट्राली का परमीशन होने की बात बताई। किन्तु मौके पर सैकड़ों के ऊपर ट्राली मिट्टी की खुदाई की बात जब कही गयी तो उन्होंने चुप्पी साध ली।लेखपाल ने सारा मामला एसडीएम पर डालते हुए कहा कि एसडीएम ने परमीशन बनाई है कितने घन मीटर खनन की अनुमति है मुझे नहीं पता। वहीं नाम न छापने की शर्त पर गाँव के ही एक व्यक्ति द्वारा बताया गया कि मामले की शिकायत जब उपजिलाधिकारी तरबगंज भारत भार्गव से की गयी तो उन्होंने लेखपाल व नवाबगंज थाना प्रभारी को अवगत कराने की बात कही। किन्तु दोपहर दो बजे की शिकायत पर शाम तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। जिसके चलते रात तक खनन जारी रहा। वहीं आधा दर्जन ट्रालियो के निरंतर आने जाने बरसात से गीला चकमार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया। पिछले वर्ष ही ग्राम प्रधान संतोष पांडेय ने मार्ग का दुरुस्तीकरण कराया था। अब गन्ने लदी ट्रालियां नहीं निकल पाएंगी। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश है।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
