अनफिट, बिना परमिट, अवैध, ओवरलोड, जर्जर व डग्गामार बसों का संचालन न किया जाए - मुख्य सचिव
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अनफिट, बिना परमिट, अवैध, ओवरलोड, जर्जर व डग्गामार बसों का संचालन न किया जाए - मुख्य सचिव


मुख्स सचिव की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश समर्पित नगरीय परिवहन निधि नियमावली,2013 के अधीन गठित निधि प्रबन्ध समिति की दसवीं बैठक आयोजि

लखनऊ।  मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश समर्पित नगरीय परिवहन निधि नियमावली,2013 के अधीन गठित निधि प्रबन्ध समिति की दसवीं बैठक संपन्न हुई। 

     अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि बसों में जीपीएस, पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरा और महिलाओं के लिए सीट को रिजर्व किया जाये। बसों में आपात स्थिति में लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग होनी चाहिए। सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाए।

     उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में अनफिट, बिना परमिट, अवैध, ओवरलोड, जर्जर व डग्गामार बसों का संचालन न किया जाए। परिवहन विभाग ऐसी बसों के संचालन में विशेष सतर्कता बरतते हुए इन्हें हर हालत में रोके। तेज गति से वाहनों के संचालन व ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। यातायात नियमों का उल्लंघन पर वाहन का चालान किया जाए।

बैठक में बताया गया कि जे.एन.एन.यू.आर.एम. योजनान्तर्गत क्रय की गयी, वर्तमान में संचालित 664 बसें (सी.एन. जी./ डीजल), भारत सरकार की फेम-1 योजनान्तर्गत लखनऊ शहर हेतु आवंटित 40 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों हेतु वेतन, ईंधन, मोटर पार्ट्स व अन्य विविध व्यय की प्रतिपूर्ति तथा फेम-2 योजनान्तर्गत 700 इलेक्ट्रिक बसों हेतु कार्मिकों के मानदेय (चालकों के अतिरिक्त) व अन्य प्रशासनिक विविध व्ययों की प्रतिपूर्ति समर्पित नगरीय परिवहन निधि से किया जाना प्रस्तावित है। वीजीएफ हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 हेतु धनराशि ₹ 9557.39 लाख, कुल धनराशि ₹ 9953.39 लाख (१ निन्यानवे करोड़ तिरपन लाख उन्तालीस हजार) मात्र को अनुमोदित प्रदान किया।इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2023-24 में इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत एवं अनुरक्षण की मद में वांछित धनराशि ₹ 17246.25 लाख, फेयर बाक्स रेवेन्यू कलेक्शन एजेन्सी हेतु ₹ 2414.48 लाख तथा 700 इलेक्ट्रिक बसों हेतु प्रयुक्त की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन के किराये एवं अनुरक्षण व्यय-भार हेतु सम्भावित व्यय र 109.54 लाख कुल र 19770.27 की आवश्यकता है। वित्तीय वर्ष, 2022-23 इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत एवं अनुरक्षण के मद की देयता के भुगतान हेतु धनराशि ₹5823.04 लाख, फेयर बाक्स रेवेन्यू कलेक्शन एजेन्सी हेतु ₹297.50 लाख कुल ₹6120.54 लाख की आवश्यकता है। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 हेतु कुल धनराशि ₹ 25890.81 लाख (₹ दो सौ अट्ठावन करोड़ नब्बे लाख इक्यासी हजार) मात्र को अनुमोदित प्रदान किया। निदेशालय के सुचारू संचालन हेतु अन्य व्ययों के मद में वर्तमान में उपलब्ध धनराशि के अतिरिक्त समिति ₹ 225.00 लाख (₹ दो करोड़ पच्चीस लाख) मात्र उपलब्ध कराये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित प्रदान किया। cesl के माध्यम से 1525 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को जी.सी.सी, मोड़ पर संचालित किये जाने हेतु ई. ओ. आई. दिये जाने के प्रस्ताव, ₹ 10.00 लाख भागीदारी शुल्क, नगर आयुक्त के माध्यम से निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराया जाना तथा मेन्टीनेन्स डिपी हेतु कार्यदायी संस्था के नामित किये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित प्रदान किया। इसी प्रकार 300 इलेक्ट्रिक बसों को जी.सी.सी. मोड़ पर संचालित कराये जाने हेतु अभी तक कोई बजट प्राविधानित नही है। इन बसों के संचालन पर सम्भावित ₹ 21.20 करोड़ वार्षिक तथा नवीन मेन्टीनेन्स डिपो हेतु ₹ 65.00 करोड़ का व्यय भार को अनुमोदित प्रदान किया। उपर्युक्तानुसार वित्तीय वर्ष, 2023-244 निम्न तालिका में अंकित अनुमानित कुल धनराशि ₹ 447.48 करोड़ की आवश्यकता होगी, जबकि डी.यू.टी.एफ. हेतु मात्र ₹150.00 करोड़ का प्राविधान किया गया है। शेष वांछित धनराशि ₹ 297.48 करोड़ उपलब्ध कराए जाने हेतु वित्त विभाग को मांग प्रेषित करें। डिजिटल पेमेन्ट को बढ़ावा देने हेतु ई.टी.एम. आपूर्तिकर्ता एवं एच.डी.एफ.सी. बैंक लि0 द्वारा क्रियान्वित होने वाले एन.सी.एम.सी.ऽ कम्प्लायन्ट कार्ड से किराये का भुगतान किये जाने पर 10ः छूट दिये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित प्रदान किया। इसी क्रम में विभिन्न एस.पी.वी. में लागू किराये में एकरूपता लाने के उद्देश्य से नगरीय बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों के टिकट पर ₹1.00 प्रति यात्री की समान दर से अधिभार अधिरोपित किये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित प्रदान किया। इसके अलावा श्निधि प्रबन्ध समिति की बैठक का कार्यवृत्त निर्गत होने के उपरान्त शासन स्तर /से प्रत्येक बार आदेश निर्गत कराये जाने के आवश्यकता नहीं है, वरन् निदेशक, नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा लिए गये निर्णय के क्रम में सीधे भुगतान किये जाने की अनुमति प्रदान किया।

बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास श्री अमृत अभिजात सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।


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