माफिया अतीक अहमद और अशरफ की काल्विन में पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले की जांच कर रहा न्यायिक आयोग मीडियाकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज कर वापस लखनऊ लौट गया है। अब जिन पुलिसकर्मियों के बयान नहीं दर्ज हो पाए हैं उनके बयान दूसरे चरण में दर्ज होंगे। ये वो पुलिसकर्मी हैं जो डॉन ब्रदर्स की सुरक्षा में तैनात थे। पुलिसकर्मियों के बयान बाद में होंगे दर्ज
न्यायिक जांच आयोग की टीम मंगलवार 16 मई को प्रयागराज पहुंची थी। इस टीम की अध्यक्षता पूर्व जस्टिस डीबी भोषले कर रहे हैं। टीम ने शुक्रवार को 3 मीडियाकर्मियों के बयान दर्ज किए थे। इससे पहले 18 मई को दो चिकित्सकों और 6 मीडियाकर्मियों के बयान दर्ज किए थे। 17 मई को 7 चिकित्सकों के बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को पहले दिन टीम ने चश्मदीदों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों की गहनता से पड़ताल की थी। इसके बाद बारी बारी पूछताछ के लिए चश्मदीदों को सर्किट हाउस में पूछताछ और बयान के लिए बुलाया गया। अब तक 26 लोगों से आयोग पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुका है। अब अतीक की सुरक्षा में तैनात रहे सुरक्षाकर्मियों के बयान दर्ज होने हैं। इनमें से कुछ के बयान दर्ज हो चुके हैं। आयोग ने आम जन से भी साक्ष्य देने को कहा
जांच आयोग के सदस्यों ने काल्विन अस्पताल के आसपास से मिले सीसीटीवी फुटेज के अलावा मीडियाकर्मियों के कैमरों में वीडियो फुटेज भी देखा। इसकी गहनता से पड़ताल भी की गई। है। अब आयोग ने इस घटना से संबंधित किसी भी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज देने के लिए जनता से भी अपील की है। उसकी गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी। अतीक और अशरफ हत्याकांड से जुड़ा कोई भी साक्ष्य हो तो उसे 27 मई तक देने को कहा है।