
वाराणसी: विधानसभा चुनाव के ठीक बाद से शुरू हुए एमएलसी चुनाव के प्रचार की भागदौड़ और शोर गुरुवार को थमा। वाराणसी में भाजपा से सुदामा पटेल, सपा से उमेश कुमार और जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह मैदान में हैं। वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव (एमएलसी चुनाव) के लिए नौ अप्रैल यानी कल वोटिंग होगी। आज वाराणसी के पहड़िया मंडी से वाराणसी, चंदौली और भदोही जिले में स्थित मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना हुईं। इससे पहले जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने पीठासीन अधिकारियों को संबोधित कर जरूरी दिशानिर्देश दिए। विधानसभा चुनाव के ठीक बाद से शुरू हुए एमएलसी चुनाव के प्रचार की भागदौड़ और शोर गुरुवार को थमा। मैदान में डटे प्रत्याशी अब जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने में जुटे हुए हैं। वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प है।
वाराणसी में त्रिकोणीय मुकाबला
इस बार धौरहरा परिवार के वर्चस्व को मिली है चुनौती
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पर पिछले 24 साल से कब्जा
जमाए बैठे धौरहरा परिवार को इस चुनाव में चुनौती मिली है। उधर, भाजपा के
सामने वाराणसी जैसी प्रतिष्ठापरक सीट पर इस चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा की
लड़ाई है। सपा भी अपनी खोई जमीन यहां तलाशने में जुटी है।
सेंट्रल जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह के बड़े भाई उदयभान सिंह
उर्फ चुलबुल सिंह एमएलसी सीट पर वर्ष 1998 में एमएलसी बने। दो बार एमएलसी
चुने गए और पंचायत चुनाव में उनका दबदबा जगजाहिर ही है।
इसके बाद वर्ष 2010 में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह बसपा के टिकट
से इस सीट पर एमएलसी बनी। इसके बाद वर्ष 2016 में बृजेश सिंह मैदान में
उतरे तो भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया और उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं
उतारा। हालांकि इस बार भाजपा ने प्रत्याशी उतारकर बृजेश सिंह को वॉकआउट
देने से इनकार कर दिया।
