
प्रयागराज: नगर निगम में एमएलसी चुनाव में मतदान करने के बाद शनिवार को सर्किट हाउस
में हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी जितनी समस्याएं गांवों में हैं,
उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान होगा।
ग्राम्य विकास विभाग की जिम्मेदारी मिलने पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
ने गांवों के विकास का खाका खींचना शुरू कर दिया है। सूबे में स्मार्ट
सिटी की तर्ज पर अब स्मार्ट गांव भी बनाए जाएंगे। प्रदेश सरकार का प्रयास
होगा कि सिर्फ गिने चुने गांवों को ही स्मार्ट नहीं बनाया जाए, बल्कि
ज्यादा से ज्यादा गांव स्मार्ट बनें। सरकार ने इस दिशा में कार्य शुरू कर
दिया है। इस बात की जानकारी डिप्टी सीएम ने यह बात अमर उजाला से हुई खास
बातचीत में दी।
व्यवस्थित ग्राम सभाओं में रिंग रोड बनाने की तैयारी
नगर निगम में एमएलसी चुनाव में मतदान करने के बाद शनिवार को सर्किट हाउस
में हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी जितनी समस्याएं गांवों में हैं,
उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान होगा। तमाम समस्याओं के निस्तारण के लिए
रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। अगले 50 वर्ष तक के लिए गांवों के विकास
का मास्टर प्लान बनाया जाएगा।
डिप्टी सीएम के अनुसार योगी सरकार 2.0 में अभी शुरूआती तौर पर हम लोगों ने सौ दिन का जो रोडमैप बनाया है। उसमें पहले चरण में एक लाख पीएम आवास दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत प्रदेश में 5000 किमी सड़क बनाने के संकल्प की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। अभी पहले सौ दिन में 50 हजार स्वयं सहायता समूह तो गठित कर रहे हैं, लेकिन भारत सरकार की ओर से जो हमें लक्ष्य मिला है वह पांच लाख और समूह बनाने का है। यूपी विधानसभा चुनाव के पूर्व लोक कल्याण संकल्प पत्र के माध्यम से भाजपा ने प्रदेश की मातृशक्ति से पांच लाख समूह बनाने का वादा किया था, अर्थात दस लाख समूह अभी और बनेंगे।
