
प्रयागराज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 अप्रैल को श्रावस्ती में स्कूल चलो अभियान
की शुरुआत की और बच्चों को खुद भोजन परोस कर खिलाया। इस दौरान प्रदेश के
सभी स्कूलों में बच्चों को सभी प्रकार की सुविधाएं देने का निर्देश दिया और
कहा कि मेरा सपना है कि सभी बच्चे स्कूल जरूर आएं ताकि देश व प्रदेश का
विकास तेजी से हो सके, पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपने को प्रयागराज
के आधा दर्जन से अधिक दबंग परिवार रोड़ा बने हैं। इन दबंग परिवार की ओर से
स्कूल की जमीन पर जबरन कब्जा करके पक्के मकान बना लिये गए हैं, जबकि स्कूल
में पढ़ने आ रहे बच्चे जर्जर भवन में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। इस
मामले को लेकर क्षेत्रीय पार्षद से लेकर स्कूल के शिक्षकों की ओर से जिला
प्रशासन से शिकायत की गई, पर जिम्मेदार अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
शिवकुटी के राजा ने विद्यालय के लिए भूमि दिया था दान
सजाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित ऋषिकुल विद्यालय की स्थापना 1928 में हुई थी। क्षेत्रीय पार्षद कमलेश तिवारी ने बताया कि शिवकुटी के राजा जंग बहादुर ने विद्यालय के लिए करीब एक बीघा भूमि दान दिया था, क्योंकि उस वक्त आसपास एरिया में कोई भी विद्यालय नहीं था। वर्तमान वक्त में भी यह विद्यालय गरीब परिवार के बच्चों के लिए आशा की किरण है।
डीएम से लेकर सीएम तक लगायी गुहार नहीं हुई कार्रवाई
क्षेत्रीय पार्षद ने बताया कि इस विद्यालय पर लगातार दबंगों का कब्जा हाे रहा है। इस मामले को लेकर डीएम, कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया, पर इस स्कूल पर दबंगों का कब्जा बढ़ता गया और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्रीय पार्षद ने आरोप लगाया कि समाज कल्याण विभाग की मिली भगत से विद्यालय पर कब्जा हो गया है। वहीं जिलाधिकारी प्रयागराज संजय कुमार खत्री ने भास्कर से बातचीत में कहा कि यदि स्कूल की भूमि पर कब्जा है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
जर्जर भवन में बच्चे ले रहे शिक्षा
ऋषिकुल विद्यालय की स्थित इतनी बुरी है कि इस विद्यालय में शिक्षा ले रहे बच्चों को जहां जर्जर भवन में बैठकर पढ़ाई करना पड़ रहा है वहीं इन बच्चों को ताजी हवा भी नसीब नहीं है।
