प्रयागराज: माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड आज से सदस्यविहीन हो गया है। 5 सदस्यों का कार्यकाल भी 8 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अब अध्यक्ष ही अकेले बचे। उनका कार्यकाल भी अब 2023 तक ही है। जैसे बिना सेना के राजा श्रीहीन हो जाता है। कोई युद्ध नहीं लड़ा और जीता जाता, वैसे ही माध्ममिक शिक्षा चयन बोर्ड भी अब बिना सदस्यों के श्रीहीन हो गया है। अब नई नियुक्ति तक न तो कोई नई भर्ती निकलेगी और न ही कोई काम--काज होगा।
10 सदस्यों में से पिछले पांच सालों से 5 पद हैं खाली ही रहे
प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती करने वाले माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में 10 के स्थान पर केवल पांच सदस्य ही काम कर रहे थे। खास बात यह है कि इन सदस्यों का दूसरा टर्म भी 8 अप्रैल 2022 को पूरा हो रहा है और सदस्यों के खाली 5 पद सरकार नहीं भर पाई। 10 की जगह केवल पांच सदस्यों का पैनल होने के कारण जिस वैकेंसी को छह माह लगना चाहिए उसे पूरा करने में एक साल का समय लग रहा था। अब 8 अप्रैल को 5 सदस्यों का भी कार्यकाल समाप्त हो गया। ऐसे में अब एक सदस्य भी नहीं बचा। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में अभी तक सदस्यों के रिक्त पद नहीं भरे गए। अगर सदस्यों के पद भरने में विलंब हुआ तो भर्तियां प्रभावित होंगी।
प्रधानाचार्य के 2500 व टीजीटी-पीजीटी के 5500 पदों पर भर्ती फंसी
अब जबकि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड 8 अप्रैल से सदस्य विहीन हो गया है तो ऐसे में बोर्ड में कोई भी निर्णय, भर्ती का विज्ञापन, परीक्षा, इंटरव्यू नहीं हो पाएगा। ऐसे में प्रधानाचार्यों के 2500 पदों व टीजीटी-पीजीटी के 5500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू हों पाएगी। इन पदों का अधियाचन आ गया है। दोबारा प्रदेश के सभी जिलाविद्यालया निरीक्षकों को विद्यालयों में रिक्त पदों का ब्यौरा भेजने को कहा गया है। माना जा रहा है कि अगर प्रदेश सरकार फुल स्ट्रेंथ यानी सभी 10 सदस्यों के पद भरती है तो ये भर्तियां जल्दी पूरी हो सकती हैं। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सचिव नवल किशाेर का कहना है कि बोर्ड में सदस्यों के न रहने से भर्तियां रुक जाएंगी। हालांकि कार्यालयीय कार्य होते रहेंगे। अधियाचन भी मंगाया जाएगा।
10 सदस्य और एक अध्यक्ष की है पोस्ट
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में 10 सदस्य व एक अध्यक्ष की पोस्ट है। अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल का होता है। सदस्यों का दो-दो साल का। अध्यक्ष की यदि उसकी उम्र इस बीच 65 साल पार कर जाती है तो उसका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। अध्यक्ष के अलावा 10 सदस्य होते हैं। प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बाद भी चयन बोर्ड में सदस्यों के सभी पदों को नहीं भरा जा सका। पांच पद भी 8 अप्रैल में खाली हो जाएंगे। जो सदस्य पहले से काम कर रहे थे आयोग ने उन्ही पांच सदस्यों को दोबारा सदस्य के रूप में नियुक्त किया था।
इन सदस्यों का बोर्ड में आज अंतिम दिन
इस समय चयन बोर्ड में जां पांच सदस्य काम कर रहे हैं उनमें सदस्य डॉ. धीरेंद्र द्विवेदी, डॉ. हरेंद्र राय, डॉ. दिनेश मणि त्रिपाठी, डॉ. ओम प्रकाश राय एवं डॉ. अजीत सिंह शामिल हैं। अध्यक्ष के रूप में वीरेश कुमार कार्यरत हैं। पांच पद खाली होने के कारण चयन बोर्ड का समय से शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की भर्ती का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा।
