प्रयागराज: कलक्ट्रेट कोषागार का माहौल बुधवार को उत्साह से भरा रहा। 100 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर रामदेव मिश्रा जीवित होने का प्रमाणपत्र देने पहुंचे थे, जिनका अफसरों और कर्मचारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। रामदेव की उपस्थिति एवं जोश कर्मचारियों को लंबी आयु के साथ बेहतर जीवन की प्रेरणा भी दे रही थी। उत्साहित कर्मचारियों ने रामदेव के साथ फोटो भी खिंचवाई।
कलक्ट्रेट कोषागार में कुल 42675 पेंशनर्स पंजीकृत हैं। इनमें से नौ की उम्र 100 वर्ष से अधिक है। इनमें से दो पेंशनर्स ऐसे हैं जिनके पेंशन की अवधि सेवा काल से अधिक हो गई है। पेंशन भी अंतिम वेतन से कहीं अधिक हो गई है। इन नौ पेंशनर्स में शामिल हंडिया के रामदेव मिश्र बुधवार को अपने बेटे के साथ जीवित होने का प्रमाण पत्र देने पहुंचे थे। इस दौरान वह पूरे उत्साह में रहे तथा जीवन को लेकर उनकी सोच भी काफी सकारात्मक रही। रामदेव इंटर कॉलेज में अध्यापक थे और 42 वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने करीब 35 वर्ष तक अध्यापन कार्य किया था। पटल सहायक विनय सिंह, डाक बाबू महेंद्र को पता चला कि रामदेव 100 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं तो वे खडे़ हो गए। फिर उन्हें सम्मान के साथ कोषाधिकारी आनंद दुबे के कक्ष में ले गए। वहां पर रामदेव का स्वागत किया गया। कर्मचारियों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान पूरे कोषागार परिसर का माहौल उत्साह से भरा रहा। नौ पेंशनर्स में सात महिलाएं
100 से अधिक उम्र के नौ पेंशनर्स में से सात महिलाएं हैं। इनमें से ज्यादातर को फेमिली पेंशन मिल रही है। सबसे अधिक उम्र की पेंशनर भी 106 वर्ष की शांति घोष हैं। इनके अलावा राजकली, रमाकांत तिवारी, सावित्री देवी शुक्ला, कांति उपाध्याय, भगवती देवी, असगरी बेगम, रानी देवी और रामदेव मिश्रा हैं, जिनकी उम्र 100 वर्ष से अधिक है।
100 वर्ष की आयु में दोगुनी हो जाती है पेंशन
100 वर्ष की आयु में पेंशन दोगुनी हो जाती है। यानी, वेतन से कहीं अधिक पेंशन बनने लगती है। वर्तमान में न्यूनतम बेसिक पेंशन 9000 रुपये है। इस पर महंगाई राहत (डीआर) मिलता है। पेंशन आखिरी वेतन की 50 फीसदी मिलती है, जिसमें 80 वर्ष की उम्र में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। इसके बाद 85 वर्ष में 30 प्रतिशत, 90 की उम्र में 40 तथा 95 साल की उम्र में पेंशन में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है।
