लखनऊ, राजकीय लाल बहादुर शास्त्री होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, प्रयागराज ने अपने यहां चल रहे बीएचएमएस व एमडी होम्योपैथिक कोर्स की मान्यता दांव पर रखकर एनजीओ को कोविड चाइल्ड एंड मदर केयर अस्पताल खोलने के लिए परिसर में स्थित अंत: रोगी विभाग का पांच मंजिला भवन दे दिया। निदेशक होम्योपैथी प्रो. मनोज यादव ने जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी। उन्होंने मामले में शिथिलता बरतने पर प्राचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। प्रयागराज में स्थित लाल बहादुर शास्त्री होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में बीएचएमएस की 125 सीटें और एमडी होम्योपैथिक की 13 सीटें हैं। केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद, नई दिल्ली के निर्धारित मानक के अनुसार यहां 35 बेड के अस्पताल में मरीजों की भर्ती करने की सुविधा है। दोनों कोर्सेज को चलाने के लिए अस्पताल जरूरी है। मगर बीते अक्टूबर 2021 में इस अस्पताल की पांच मंजिला बिल्डिंग को बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन संस्था के सहयोग से 100 बेड कोविड अस्पताल बनाने की अनुमति दी गई और सीएमओ प्रयागराज के निर्देशन में उजाला सिग्नस हेल्थ केयर सर्विसेज द्वारा यहां चिकित्सीय सुविधाएं दी जा रही हैं। निदेशक होम्योपैथी ने प्राचार्य डा. हेमलता पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आयुष विभाग के उच्चाधिकारियों की बिना अनुमति के एनजीओ को अस्पताल खोलने की अनुमति दी। कोरोना अस्पताल बंद होने के बाद भी कोविड चाइल्ड एंड मदर केयर अस्पताल चलाया जा रहा है। उन्होंने प्राचार्य को निलंबित करने की संस्तुति अपर मुख्य सचिव, आयुष प्रशांत त्रिवेदी से की है। उधर डा. हेमलता ने इस मामले में विभागीय अधिकारियों को सफाई दी है।
