बुडापेस्ट. रूस (Russia) की ओर से यूक्रेन (Ukraine) पर किए गए हमले के बाद से हालात तनावग्रस्त हैं. रूस लगातार यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और बम दाग रहा है. इनमें राजधानी कीव (Kyiv) और दूसरा सबसे बड़ा शहर खारकीव भी शामिल है. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की सबसे बड़ा नुकसान यूक्रेन में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं का हुआ है. इन लाखों स्टूडेंट को युद्ध के कारण बने खराब हालातों के बीच यूक्रेन छोड़कर भागना पड़ा है. इनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक (Indian Nationals) भी हैं, जिन्हें सरकार ऑपरेशन गंगा (Operation Ganga) के जरिये वहां से स्वदेश ला रही है. इस बीच यूक्रेन के पड़ोसी देश ने इन स्टूडेंट की पढ़ाई को लेकर बड़ा ऐलान किया है. हंगरी (Hungary) ने इन सभी स्टूडेंट को अपने यहां पढ़ाई जारी रखने का विकल्प दिया है.हंगरी के सेंटर फॉर जियोपॉलिटिक्स के प्रमुख डॉ. अतीला देमको ने कहा है कि उन सभी विदेशी स्टूडेंट को हंगरी अपने यहां पढ़ाई जारी रखने का ऑफर दे रहा है, जो रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण वहां से चले गए हैं. इनमें भारत, नाइजीरिया और अफ्रीकी देशों के नागरिक शामिल हैं. देमको ने यह भी कहा है कि इस दौरान हंगरी की ओर से अन्य देशों के रेफ्यूजी को देश में बिना किसी परेशानी के पनाह दी गई है. साथ ही कुछ लोग अपनी इच्छानुसार स्वदेश लौट गए. इनमें अधिकांश अफ्रीकी देशों के नागरिक हैं.सरकारी एजेंसी नाइजीरियंस इन डायसपोरा कमीशन के अनुसार करीब 400 नाइजीरियाई रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के कारण वीकेंड पर यूक्रेन छोड़कर चले गए हैं. उनके लिए नाइजीरियाई सरकार की ओर से विशेष विमानों की व्यवस्था की गई थी. वहीं सीएनएन के अनुसार एक व्यक्ति ने बताया है कि अबुजा पहुंचने पर सरकार की ओर से उन्हें 100 डॉलर का स्टाइपेंड भी मुहैया कराया जा रहा है.
